दिल्ली बिल्डिंग हादसा: उपराष्ट्रपति, पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने जताया दुख, राहत-बचाव अभियान जारी

New Delhi, 6 सितंबर . राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना पर उपPresident सीपी राधाकृष्णन, Prime Minister Narendra Modi, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और Union Minister प्रह्लाद जोशी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. नेताओं ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और राहत-बचाव अभियान तेज़ी से चलाए जाने की बात कही.

उपPresident सीपी राधाकृष्णन ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना से वह बेहद दुखी हैं. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की.

Prime Minister Narendra Modi ने एक्स पर लिखा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना अत्यंत दुखद है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. Prime Minister ने कहा कि संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं और प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता की जा रही है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली में इमारत गिरने से बहुमूल्य जानों का नुकसान बेहद पीड़ादायक है. इस दुख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. साथ ही उन्होंने सभी प्रभावित लोगों की सुरक्षा और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की.

Union Minister प्रह्लाद जोशी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के निकट सत्य निकेतन में निजी इमारत गिरने की खबर से वह गहरे दुखी हैं. उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता से बात की, जो स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रही हैं. Chief Minister ने उन्हें आश्वस्त किया है कि बचाव और राहत के सभी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं. उन्होंने मलबे में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.

इससे पहले Chief Minister रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से हादसे और रेस्क्यू अभियान की विस्तृत जानकारी ली.

दिल्ली Police के अनुसार, हादसे का शिकार हुई इमारत करीब 40 से 50 वर्ष पुरानी थी. इमारत में एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं तथा इसका उपयोग पेइंग गेस्ट (पीजी) के रूप में किया जा रहा था. घटना के समय बेसमेंट में मरम्मत का कार्य चल रहा था. राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है.

डीएससी

Leave a Comment