दिल्ली पुलिस ने रेडीमेड कपड़ों की सप्लाई के नाम पर कंपनी से ठगी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार

New Delhi, 23 अक्टूबर . दिल्ली Police ने एक कंपनी से ठगी करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने Friday को बताया कि आरोपी ने रेडीमेड कपड़ों और सिलाई मशीन के सामान की सप्लाई करने के बहाने एक कपड़ा निर्माता से लगभग 2 लाख रुपए की ठगी की.
आरोपी की पहचान दिल्ली के बदरपुर निवासी पवन कुमार के रूप में हुई है. शाहदरा जिले की साइबर थाना Police ने तकनीकी जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया. Police ने वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए किया गया था.
Police के अनुसार, यह मामला नीरज कुमार जैन की शिकायत पर दर्ज किया गया था. नीरज रेडीमेड कपड़ों के निर्माण और उनसे जुड़े सामान के कारोबार से जुड़े हैं. शिकायतकर्ता ने बताया कि 6 जुलाई को आरोपी पवन कुमार ने उनसे संपर्क किया और खुद को रेडीमेड कपड़ों और सिलाई मशीन के सामान का सप्लायर बताया. आरोपी ने उन्हें यह कहकर ऑर्डर देने के लिए राजी कर लिया कि जरूरी सामान डिलीवरी के लिए उपलब्ध है.
कंपनी का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने कैटलॉग, इनवॉइस और ट्रांसपोर्ट से जुड़े दस्तावेज शेयर किए. उसने बार-बार यह भरोसा भी दिलाया कि ऑर्डर किया गया सामान समय पर भेज दिया जाएगा और डिलीवर कर दिया जाएगा. इन बातों पर भरोसा करके नीरज कुमार जैन ने कई ट्रांजेक्शन के जरिए लगभग 2 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए. हालांकि, वादा किया गया सामान कभी नहीं पहुंचा और न ही पैसे वापस किए गए, जिसके बाद साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया.
जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण से Police को आरोपी के बदरपुर में होने के सुराग मिले. इसके बाद शाहदरा साइबर Police टीम ने छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया.
ऑपरेशन के दौरान Police ने एक मोबाइल फोन बरामद किया. वित्तीय जांच से पता चला है कि साइबर अपराध की छह शिकायतों में आरोपी से जुड़े बैंक खाते सामने आए हैं. इन मामलों में कई पीड़ित शामिल हैं और लाखों रुपए के संदिग्ध धोखाधड़ी वाले लेनदेन हुए हैं.
Police के अनुसार, जांच से संकेत मिलता है कि आरोपी ने कथित तौर पर कॉलर की भूमिका निभाई और वह सीधे तौर पर धोखाधड़ी के इन मामलों में शामिल था. पैसे के पूरे लेन-देन (मनी ट्रेल) का पता लगाने, अन्य पीड़ितों की पहचान करने और इस कथित धोखाधड़ी के पूरे दायरे को समझने के लिए आगे की जांच जारी है.
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डीसीएच/


