
New Delhi, 30 अगस्त . दिल्ली Police की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने Rajasthan के कोटा से कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में दो वांछित शूटर और उनके दो सहयोगी शामिल हैं, जो उन्हें पनाह देने और धन के लेन-देन में मदद करने का काम कर रहे थे.
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों की पहचान रमन उर्फ फौजी (19) निवासी जींद, Haryana और करण (22) निवासी चरखी दादरी, Haryana के रूप में हुई है. Police के अनुसार, दोनों आरोपी कई संगीन आपराधिक मामलों में वांछित थे और विभिन्न राज्यों की Police उन्हें लंबे समय से तलाश रही थी.
Police के मुताबिक ,रमन और करण संयुक्त रूप से कई सनसनीखेज वारदातों में शामिल रहे हैं. इनमें दिसंबर 2025 में दिल्ली के आया नगर में डेयरी कारोबारी रतन की हत्या का मामला शामिल है, जिसमें 70 से अधिक राउंड फायरिंग की गई थी.
इसके अलावा, अगस्त 2025 में द्वारका मोड़ पर मोहित डागर की हत्या, दिसंबर 2025 में रोहतक के रिठोली गांव में हिमांशु भाऊ के प्रतिद्वंद्वी सन्नी रिठोली पर जानलेवा हमला तथा मई 2026 में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के ककोड़ क्षेत्र में जितेंद्र उर्फ जीतू पर अंधाधुंध फायरिंग की घटनाओं में भी दोनों की तलाश थी.
Police के अनुसार, करण Haryana के रेवाड़ी और पलवल में हुई फायरिंग की घटनाओं में भी वांछित था. उस पर मई 2024 में रेवाड़ी के मोहल्ला कुतुबपुर में एक मकान पर अंधाधुंध गोलीबारी करने और दिसंबर 2024 में पलवल के महेशपुर गांव के सरपंच पर ऑटोमैटिक कार्बाइन से हमला करने के आरोप हैं.
रमन के खिलाफ भी दिल्ली क्राइम ब्रांच में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी था. दोनों आरोपियों पर Haryana और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में इनाम भी घोषित था.
स्पेशल सेल ने रमन और करण को पनाह देने तथा उनके लिए मनी म्यूल (धन हस्तांतरण में मददगार) के रूप में काम करने वाले दो भाइयों को भी गिरफ्तार किया है. उनकी पहचान शेखर तिवारी (23) और विनोद तिवारी (30) निवासी गोवर्धन, मथुरा (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है.
दिल्ली Police ने चारों आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया, जहां से आगे की पूछताछ और जांच के लिए उनका Police रिमांड प्राप्त कर लिया गया है.
Police अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान गैंग के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई, फंडिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अहम खुलासे होने की संभावना है. Police अब हिमांशु भाऊ सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और सहयोगियों की तलाश में जुटी है.
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एएमटी/डीकेपी