दिल्ली: ‘परमिशन रद्द होने पर भी जलाएंगे रावण’, लाजपत नगर के आयोजकों का ऐलान

New Delhi, 19 अक्टूबर . दिल्ली के लाजपत नगर स्थित कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में दशहरा उत्सव के तहत होने वाले रावण दहन कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने विरोध जताया है. आप नेता और एमसीडी के को-इंचार्ज प्रवीण कुमार ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए भाजपा Government पर जुबानी हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी होने के बाद आयोजन से महज 12 घंटे पहले अनुमति रद्द कर दी गई.
प्रवीण कुमार ने बताया कि कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम के लिए 15 अक्टूबर की अनुमति मिली थी. आयोजक समिति ने इसके बाद पुतला तैयार करने से लेकर टेंट और अन्य व्यवस्थाओं तक की तैयारियां पूरी कर ली थीं. कार्यक्रम के लिए लगभग सभी इंतजाम हो चुके थे और अगले दिन आयोजन होना था. इसी बीच, जमीन के स्वामित्व वाले विभाग, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) की ओर से अचानक सूचना दी गई कि ग्राउंड की अनुमति रद्द कर दी गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला भारतीय जनता पार्टी की Government और स्थानीय विधायक तरविंदर सिंह मारवाह के दबाव में लिया गया.
प्रवीण कुमार ने कहा कि आयोजकों से 35 हजार रुपए की फीस मांगी गई थी और अनुमति के लिए बताए गए सभी जरूरी बिंदुओं को भी पूरा कर दिया गया था. इसके बावजूद अंतिम समय में परमिशन रद्द कर दी गई. मौके पर Police और विभागीय अधिकारियों को भेजकर आयोजन नहीं होने की जानकारी दी गई.
प्रवीण कुमार ने भाजपा Government पर दशहरा उत्सव में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि सत्य की असत्य पर जीत का प्रतीक माने जाने वाले इस त्योहार के आयोजन को क्यों रोका जा रहा है. उन्होंने Chief Minister रेखा गुप्ता और स्थानीय विधायक तरविंदर सिंह मारवाह पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में रावण दहन की अनुमति रद्द किए जाने का कारण बताया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के कई हिस्सों में दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन दिल्ली में इस तरह की स्थिति पैदा होना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने भाजपा पर हिंदू त्योहार को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
प्रवीण कुमार ने कहा कि आयोजकों और स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम के लिए काफी तैयारी की है और अब वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुमति रद्द होने के बावजूद रावण दहन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि लोगों को बचपन से असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया जाता है और दशहरा इसी विचार का प्रतीक है. केवल अनुमति से जुड़े दस्तावेज के कारण समाज अपनी परंपरा नहीं छोड़ेगा.
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पीएसके


