
New Delhi, 27 अगस्त . 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी स्थित India मंडपम में 12-13 सितंबर को होगा. इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों के नेताओं के साथ-साथ आउटरीच के लिए आमंत्रित नेता भी शामिल होंगे. India इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है.
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. India की ब्रिक्स अध्यक्षता का मुख्य विषय है: “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण”. ऐसा विषय जो Prime Minister Narendra Modi के मानव केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है. ये “मानवता सर्वोपरि” की भावना पर आधारित है. इन क्षेत्रों के अलावा, नेता साझा प्राथमिकताओं पर ब्रिक्स के भीतर सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करेंगे और आपसी महत्व के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने नजरिए साझा करेंगे.
इस वर्ष India की अध्यक्षता में, ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को तीन मुख्य स्तंभों के इर्द गिर्द बुना गया है. जो Political और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच आदान-प्रदान है. इसे मजबूत करने के लिए India के 25 से अधिक शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्च-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. इन कार्यक्रमों और बिजनेस-टू-बिजनेस तथा लोगों के बीच संपर्क की पहलों के माध्यम से, India की ब्रिक्स अध्यक्षता ने व्यावहारिक और विकास-उन्मुख परिणामों के जरिए ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है.
India ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है. India ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली. वर्ष 2026 एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है क्योंकि इस साल ब्रिक्स अपनी स्थापना के बीस साल पूरे कर रहा है.
India की अध्यक्षता वाले ब्रिक्स लोगो में परंपरा और आधुनिकता का मेल दिखता है. इसकी पंखुड़ियां ब्रिक्स सदस्य देशों के जीवंत रंगों को दर्शाती हैं, जो उनकी सामूहिक ताकत और एकता को उजागर करती हैं. आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्र में बना “नमस्ते” का भाव India की गर्मजोशी, सम्मान और मिलजुलकर काम करने की भावना को दिखाता है.
ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. ब्रिक्स के सहयोगी देश- बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम हैं.
ब्रिक्स का सहयोग कई वैश्विक मुद्दों पर अपना दायरा बढ़ा रहा है, जिनमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, जलवायु परिवर्तन, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और वित्तीय स्थिति, दूरसंचार, कृषि, श्रम और रोजगार, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचा, व्यापार और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) शामिल हैं.
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केआर/