
New Delhi, 3 अक्टूबर . मानसून के खत्म होने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमानों और वायु गुणवत्ता के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि अब गर्मी और प्रदूषण दोनों मिलकर लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाले हैं.
राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार खराब होता जा रहा है. मौसम विभाग से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है, लेकिन तापमान चढ़ता रहेगा. 3 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है.
4 अक्टूबर को तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा. 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 35 डिग्री पर स्थिर रहेगा, लेकिन नमी बढ़कर 85 से 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी, जिससे उमस भरी गर्मी महसूस होगी. 6 से 8 अक्टूबर के बीच तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है. 6 अक्टूबर को पारा 33 डिग्री और 7-8 अक्टूबर को 32 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है. हालांकि, 7 और 8 अक्टूबर को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है, लेकिन नमी 85 से 75 प्रतिशत तक रहेगी.
मौसम में बदलाव का असर हवा की गुणवत्ता पर साफ दिखाई दे रहा है. दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 150 से 200 के बीच यानी ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी में है. दिल्ली के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलीपुर में एक्यूआई 198, आनंद विहार में 143, अशोक विहार में 134, आया नगर में 149, बवाना में 185, बुराड़ी क्रॉसिंग में 173, कैंटोनमेंट एरिया में 146, चांदनी चौक में 178 और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 144 दर्ज किया गया है. लेकिन नोएडा और गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ की ओर बढ़ चुकी है.
नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 217, सेक्टर-62 में 222, सेक्टर-1 में 202 और सेक्टर-116 में 216 दर्ज किया गया. यहां सभी सक्रिय स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता खराब है. गाजियाबाद में हालात और भी खराब हैं. गोविंदपुरम में एक्यूआई 173 और इंदिरापुरम में 138 है. लेकिन लोनी में एक्यूआई 252, संजय नगर में 217, वसुंधरा में 219 और वेव सिटी में एक्यूआई 291 तक पहुंच गया है. मानसून की विदाई के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है.
नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में एक्यूआई 200 से ऊपर पहुंच चुका है, जो आने वाले दिनों में ‘रेड लाइन’ को पार करने की ओर अग्रसर है. विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की रफ्तार कम होने और तापमान बढ़ने के कारण प्रदूषक कण हवा में जमा हो रहे हैं.
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पीकेटी/वीकेयू