
Bengaluru, 2 अक्टूबर . पूर्व Union Minister ए. नारायणस्वामी ने Friday को आरोप लगाया कि कर्नाटक में दलितों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि यदि राज्य Government दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं है तो Chief Minister डी.के. शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को इस्तीफा दे देना चाहिए.
मल्लेश्वरम स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय जगन्नाथ भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में दलितों की हत्या, यौन उत्पीड़न और अन्य अत्याचार की कई घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन Government इन मामलों पर चुप्पी साधे हुए है.
उन्होंने आरोप लगाया कि एक जिले में कुप्रशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक मादिगा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई और उसका शव सड़क पर छोड़ दिया गया. उन्होंने कहा, “केवल First Information Report दर्ज की गई है और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. इसके बाद कोई और गिरफ्तारी नहीं हुई है.”
नारायणस्वामी ने कलबुर्गी, रायचूर, लिंगसुगुर, सिरवार और मानवी समेत कई स्थानों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अगस्त में दलितों के खिलाफ इस तरह की कई घटनाएं हुईं.
उन्होंने कहा, “राज्य Government चुप है. गृह मंत्री ने इन घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया है. डीजीपी भी बैठकें नहीं बुला रहे हैं.”
नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि लिंगसुगुर में एक व्यक्ति को होटल में चाय पीने से रोका गया. उन्होंने टी. नरसीपुर में यूट्यूबर मंजुनाथ के खिलाफ एक सब-इंस्पेक्टर द्वारा स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किए जाने का भी दावा किया.
नंजनगुड में महादेवम्मा नामक महिला की कथित हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में First Information Report क्यों दर्ज नहीं की गई.
पूर्व Union Minister ने मांग की कि गृह मंत्री बैठक बुलाकर वर्ष 2023 से 2026 के बीच कर्नाटक में अनुसूचित जाति के सदस्यों के खिलाफ दर्ज अत्याचार के मामलों की संख्या की समीक्षा करें.
उन्होंने कर्नाटक राज्य अनुसूचित जाति आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि आयोग के अध्यक्ष मूर्ति ने समुदाय के सदस्यों के हितों के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए तथा उनमें विश्वास पैदा करने में विफल रहे.
नारायणस्वामी ने ठेकेदारों की ओर से लगाए गए उन आरोपों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा गया है कि करीब 70 प्रतिशत विधायकों द्वारा कथित तौर पर मांगे गए “प्रतिशत” के बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाएगी, यदि 35,000 करोड़ रुपये के लंबित बकाये का भुगतान नहीं किया गया.
उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट से इन आरोपों का स्वत: संज्ञान लेने और संबंधित जानकारी को सार्वजनिक करने का निर्देश देने का आग्रह किया.
उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी Government की आलोचना की. नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि Chief Minister शिवकुमार पहले उपChief Minister और शहरी विकास मंत्री रह चुके हैं, लेकिन उनके पास प्रशासनिक अनुभव की कमी है.
उन्होंने राज्य Government पर वित्तीय संकट का सामना करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई योजनाएं लंबित हैं. उनका दावा था कि 98 प्रतिशत परिणाम देने वाले स्कूलों को भी साबुन और टूथपेस्ट जैसी बुनियादी चीजें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं. उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने और प्रधानाचार्यों को वेतन नहीं मिलने का भी आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “कई निगम धन की कमी के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे हैं.” प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रवक्ता एच. वेंकटेश दोड्डेरी और एससी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हूडी मंजुनाथ भी मौजूद थे.
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डीएससी