त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास बीएसएफ जवानों पर हमले के आरोप में आठ आरोपी गिरफ्तार

अगरतला, 3 नवंबर . त्रिपुरा के सेपाहीजाला जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास अशाबारी में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हमला करने के आरोप में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
Police के एक वरिष्ठ अधिकारी ने Tuesday को बताया कि Monday को बीएसएफ जवानों ने कलामचौरा Police थाना क्षेत्र के अंतर्गत आशाबारी में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कुछ भारतीय और बांग्लादेशी तस्करों को अवैध गतिविधियों में शामिल होते देखा. जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और एक भारतीय तस्कर को पकड़ लिया. हालांकि, जब बीएसएफ जवान वहां पहुंचे, तो सीमा बाड़ के दूसरी तरफ मौजूद बांग्लादेशी तस्कर भाग गए.
अधिकारी ने बताया कि पकड़ा गया भारतीय तस्कर भी किसी तरह भाग निकला और उसने ग्रामीणों से कहा कि बीएसएफ जवानों ने उसके साथ मारपीट की है. इसके बाद बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौके पर जमा हो गए. उन्होंने बीएसएफ की गाड़ी को घेर लिया और लाठी-डंडों से जवानों पर हमला कर दिया, जिसमें कंपनी कमांडर समेत तीन जवान घायल हो गए.
आरोप है कि हमलावरों ने एक बीएसएफ जवान की राइफल छीनने की भी कोशिश की. भीड़ ने बीएसएफ की एक गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया. इस घटना में हमलावरों में से एक व्यक्ति भी घायल हो गया.
सूचना पर बीएसएफ और Police के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में किया. हालांकि, इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है.
Police अधिकारी ने बताया कि इस हमले में शामिल होने के आरोप में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
त्रिपुरा के Chief Minister माणिक साहा ने बीएसएफ जवानों पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है.
सीएम ने एक्स पर लिखा, “बोक्सानगर के अशाबारी में बीएसएफ जवानों पर हुए हमले के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें शामिल सभी लोगों को न्याय के दायरे में लाया जाएगा और कानून के अनुसार उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हमारे सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”
एक अन्य पोस्ट में Chief Minister ने कहा, “मैं अशाबारी में उपद्रवियों के एक समूह द्वारा हमारे बहादुर बीएसएफ जवानों पर किए गए बर्बर हमले की कड़ी निंदा करता हूं. हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इनकी जितनी निंदा की जाए, कम है. हमारे सुरक्षाकर्मियों पर कोई भी हमला गंभीर चिंता का विषय है और कानून के अनुसार इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए.”
सीएम साहा ने कहा, “संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई करें और यह सुनिश्चित करें कि न्याय मिले. हमारे सुरक्षाकर्मी सर्वोच्च सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं.”
बता दें कि त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ 856 किमी लंबी सीमा है और यह तीन तरफ से इस पड़ोसी देश से घिरा हुआ है. इस वजह से यह पूर्वोत्तर राज्य सीमा पार से होने वाले प्रवास (माइग्रेशन) के मुद्दों को लेकर काफी संवेदनशील और असुरक्षित है. तस्करी, सीमा पार अपराधों, घुसपैठियों और देश-विरोधी तत्वों की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कुछ हिस्सों को छोड़कर पूरी सीमा पर बाड़ (फेंसिंग) लगाई गई है.
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ओपी/एएस


