त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास, भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाएं दिखाएंगी ताकत

New Delhi, 12 अक्टूबर . भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का गाइडेड मिसाइल युद्धपोत आईएनएस तरकश दक्षिण अफ्रीका की समुद्री यात्रा पर है. यह युद्धपोत यहां भारत, ब्राजील, और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं के बीच होने वाले नौवें त्रिपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘इब्सामार-9’ में भाग लेगा. यहां समुद्री युद्ध से लेकर समुद्री डकैती रोकने तक का अभ्यास किया जाएगा.

इस अभ्यास का उद्देश्य तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना है. साथ ही इसके माध्यम से समुद्री सहयोग व एक-दूसरे की संचालन क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा. गौरतलब वर्ष 2008 से ही भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बीच यह अभ्यास हर दो साल में आयोजित किया जा रहा है. समय के साथ अब यह तीनों देशों की नौसेनाओं के लिए संयुक्त प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और समुद्री अभियानों के बेहतर तरीकों को समझने का एक प्लेटफार्म बन गया है.

‘इब्सामार-9’ के दौरान समुद्र में विभिन्न प्रकार के सैन्य अभियानों का अभ्यास किया जाएगा. इसमें सतह पर मौजूद युद्धपोतों के बीच युद्ध, हवाई हमलों से बचाव और पनडुब्बियों से निपटने की रणनीतियां शामिल हैं. इसके अलावा नौसैनिक विमानों के संचालन, संदिग्ध जहाजों की जांच, समुद्री डकैती रोकने, खोज एवं बचाव अभियान और युद्धपोतों में आग लगने या नुकसान होने की स्थिति से निपटने का अभ्यास भी किया जाएगा.

अभ्यास के दौरान तीनों देशों के नौसैनिक कर्मियों के बीच पेशेवर संवाद भी होगा. इससे उन्हें एक-दूसरे की कार्यप्रणाली समझने और संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलेगी. इस अभ्यास में दक्षिण अफ्रीका की नौसेना अपने युद्धपोत एसएएस अमातोला और एसएएस किंग सेखुखुने प्रथम के साथ हिस्सा लेगी. इसके अलावा एसएएस एडम कोक तृतीय और पनडुब्बी एसएएस मंथातिसी भी इसमें शामिल होंगे.

वहीं, ब्राजील की नौसेना युद्धपोत बीएनएस बारोसो के साथ भाग लेगी. इस युद्धपोत पर एक लिंक्स हेलीकॉप्टर भी तैनात रहेगा. भारतीय नौसेना की ओर से आईएनएस तरकश अभ्यास में हिस्सा लेगा. इसके साथ एक चेतक हेलीकॉप्टर भी तैनात है.

इसका उद्देश्य तीनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाकर समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और साझा समुद्री चुनौतियों से निपटने की तैयारी को बेहतर बनाना है. अभ्यास के जरिए भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के साथ संयुक्त कार्रवाई के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने का अवसर मिलेगा.

इस बीच भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने साइप्रस में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि और संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के प्रमुख आर. खस्सिम डियाग्ने से मुलाकात की है.

इस दौरान दोनों ने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. चर्चा में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सहित India के योगदान पर विशेष जोर दिया गया. उन्होंने निकोसिया स्थित राष्ट्रमंडल युद्ध स्मारक पर द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की.

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जीसीबी/एमएस

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