
New Delhi, 14 अक्टूबर . त्योहारी सीजन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और कांग्रेस के प्रदर्शनों को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है. व्यापार मंडल और विभिन्न व्यापारी संगठनों ने आशंका जताई है कि लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और रास्तों पर लगने वाली पाबंदियों के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा जैसे त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही बड़ी मात्रा में सामान जुटाए हैं. इसके लिए कई कारोबारियों ने कर्ज लिया है और बैंकों से भी लोन लिए हैं. ऐसे में बिक्री प्रभावित होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
व्यापारी संगठनों ने Government और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि विरोध-प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे बाजारों और कारोबार पर इसका प्रतिकूल असर न पड़े. व्यापारियों ने Prime Minister Narendra Modi, India के मुख्य न्यायाधीश और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है.
व्यापार मंडल के अजय बनारसी दास गुप्ता ने कहा कि त्योहारों के समय व्यापारी पूरे साल की तैयारी करते हैं. वे कर्ज लेकर और बैंक से लोन लेकर सामान का स्टॉक तैयार करते हैं, ताकि त्योहारों के दौरान बिक्री से कमाई कर सकें और परिवार का पालन-पोषण करने के साथ अपने खर्चों को पूरा कर सकें. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के आंदोलनों, विशेषकर राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के कारण ऐसा माहौल बन रहा है, जिससे बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. ग्राहक बाजार आने से हिचक रहे हैं और कारोबारियों को सामान की आपूर्ति करने तथा अपने ऑर्डर पूरे करने में भी परेशानी हो रही है.
गुप्ता ने कहा कि दिल्ली देश का एक प्रमुख थोक व्यापार केंद्र है, जहां से देश के अलग-अलग हिस्सों में सामान की आपूर्ति की जाती है. सदर बाजार और नया बाजार जैसे प्रमुख थोक बाजारों में भी बाहर से आने वाले व्यापारियों की संख्या प्रभावित होने की आशंका है. दिल्ली के हालात को लेकर दूसरे शहरों के कारोबारियों में चिंता है, जिसके कारण वे खरीदारी के लिए आने से बच रहे हैं. उन्होंने आशंका जताई कि यदि यही स्थिति बनी रही तो व्यापारियों को लंबे समय तक आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है.
उन्होंने कहा कि इस संबंध में Prime Minister मोदी से हस्तक्षेप करने और India के मुख्य न्यायाधीश से मामले पर संज्ञान लेने की अपील की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध-प्रदर्शन करने पर किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके लिए ऐसी जगह चुनी जानी चाहिए, जहां व्यापारियों के कारोबार को नुकसान न हो.
दिल्ली के न्यू ट्रेड एसोसिएशन कनॉट प्लेस के जनरल सेक्रेटरी विक्रम वाधवा ने कहा कि सभी प्रदर्शनकारियों और Government से अपील है कि विरोध-प्रदर्शन ऐसी जगह किए जाएं, जिससे व्यापार पर बुरा असर न पड़े. उन्होंने कहा कि इस समय त्योहारों का सीजन है और दुकानदारों ने बिक्री की उम्मीद में पहले से सामान का स्टॉक कर रखा है.
वाधवा ने कहा कि यदि बिक्री नहीं होती है तो व्यापारियों पर दोहरी मार पड़ेगी. एक तरफ दुकानों के खर्च जारी रहेंगे, वहीं दूसरी तरफ आमदनी प्रभावित होगी. कारोबारियों के साथ-साथ Government को भी राजस्व का नुकसान हो सकता है, क्योंकि सामान की बिक्री होने पर ही उस पर GST का भुगतान किया जाता है. जिस तरह प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, उसी तरह व्यापार करना भी व्यापारियों का अधिकार है.
मोहन सिंह पैलेस एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट विनोद श्रीवास्तव ने भी सभी Political दलों से अपील की कि वे विरोध-प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों पर पड़ने वाले प्रभाव का ध्यान रखें. उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है और हर व्यक्ति को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन इससे कारोबारियों की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए. एक व्यापारी न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण करता है, बल्कि करीब दस लोगों को रोजगार भी देता है. उसे कर्मचारियों के वेतन के साथ बिजली, पानी और रखरखाव जैसे खर्च भी उठाने पड़ते हैं. दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से चल रहे प्रदर्शनों के कारण आसपास के रास्ते बंद होने से ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.
उन्होंने Government और प्रदर्शनकारियों से जल्द समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि त्योहारों का सीजन कारोबारियों के लिए बिक्री का महत्वपूर्ण समय होता है. यदि इस अवधि में बिक्री प्रभावित होती है तो व्यापारी अपने खर्चों को पूरा करने में मुश्किलों का सामना कर सकते हैं.
फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय बंसल ने जम्मू में कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच India की अर्थव्यवस्था और व्यापार को नुकसान से बचाना जरूरी है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि देश में अस्थिरता और अराजकता फैलाने के प्रयासों के पीछे कौन है और इसकी जांच होनी चाहिए.
बंसल ने Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से दिल्ली में चल रहे विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों को समाप्त करने या उनका तरीका बदलने की अपील की. उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय देशभर से व्यापारी दिल्ली खरीदारी करने आते हैं और यहां से विभिन्न राज्यों में सामान भेजा जाता है. कारोबारियों ने अपनी दुकानों और गोदामों में करोड़ों रुपए का स्टॉक जमा कर रखा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों के कारण बाहर से आने वाले व्यापारियों की आवाजाही प्रभावित होने की बात सामने आ रही है.
उन्होंने कहा कि कई व्यापारियों पर बैंक लोन का दबाव है. यदि उनका स्टॉक नहीं बिकता और कारोबार में रुकावट बनी रहती है तो उन्हें कर्ज चुकाने में परेशानी हो सकती है. इसका असर बैंक खातों और बैंकों के वित्तीय जोखिम पर भी पड़ सकता है. प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान जैसी जगह उपलब्ध है, जहां प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक अपनी मांगें रख सकते हैं. विरोध करना अधिकार है, लेकिन व्यापारियों को इससे अलग रखा जाना चाहिए, ताकि उनके कारोबार को नुकसान न हो.
संजय बंसल ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को पत्र भेजने के बाद Prime Minister और India के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए लंबे समय तक कारोबार प्रभावित होने की स्थिति को सहन करना मुश्किल होगा. उन्होंने आशंका जताई कि यदि व्यापारियों का स्टॉक नहीं बिकता है तो उनकी वित्तीय स्थिति बिगड़ सकती है और इसका असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है.
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पीएसके/एबीएम