
हैदराबाद, 4 अक्टूबर . तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की प्रमुख के कविता ने राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति को लेकर केंद्र Government से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi से तेलंगाना के करीब 60 लाख किसानों की मदद करने और संकट की घड़ी में राज्य को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की अपील की.
बंजारा हिल्स स्थित टीआरएस पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कविता ने राज्य Government पर सूखे की स्थिति से निपटने में पूरी तरह विफल रहने और किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि Maharashtra और कर्नाटक जैसे राज्यों ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों की घोषणा की है, जिससे केंद्र से सहायता का रास्ता खुलता है, लेकिन तेलंगाना Government ने ऐसा कदम नहीं उठाया.
कविता ने कहा, “हमारे Chief Minister ने हार मान ली है. मैं Prime Minister से अनुरोध करती हूं कि कृपया हमारी मदद करें.” उन्होंने कहा कि ‘सुपर अल नीनो’ के कारण पैदा हुई गंभीर सूखे की स्थिति तेलंगाना के 60 लाख किसानों के जीवन को प्रभावित कर रही है.
उन्होंने Prime Minister से दक्षिणी राज्यों, खासकर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और Maharashtra की स्थिति पर ध्यान देने की अपील की. कविता ने कहा, “कुछ राज्यों में भारी बारिश हो रही है, जबकि कुछ राज्यों में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई है. मैं केंद्र Government से अनुरोध करती हूं कि दक्षिणी राज्यों पर ध्यान दें. खासकर तेलंगाना में हम गंभीर सूखे का सामना कर रहे हैं. जहां भी अतिरिक्त बिजली उपलब्ध है, कृपया हमें मुफ्त बिजली दें.”
उन्होंने चेतावनी दी कि संकट की इस घड़ी में किसानों को सहायता नहीं मिली तो तेलंगाना के लोग और किसान केंद्र Government को माफ नहीं करेंगे.
कविता ने राज्य Government पर निशाना साधते हुए कहा कि तेलंगाना के गठन के बाद से केंद्र से राज्य को कोई अतिरिक्त सहायता नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन का असर लोगों के जीवन पर पड़ रहा है और मौजूदा परिस्थितियों में किसानों को तत्काल राहत की जरूरत है.
उन्होंने Chief Minister द्वारा बारिश के लिए किए जा रहे ‘वरुण यज्ञ’ पर भी कटाक्ष किया. कविता ने कहा, “हमारे Chief Minister ने हार मान ली है. वह खुद वरुण यज्ञ कर रहे हैं. उन्हें अपनी पूजा जारी रखने दें. मैं Prime Minister से अनुरोध करती हूं कि कृपया हमारी मदद करें. तेलंगाना को अभी मुफ्त बिजली की जरूरत है. केवल 24 घंटे की मुफ्त बिजली किसानों को बचा सकती है. यह जिंदगी और मौत का सवाल है.”
कविता ने देशभर में युवाओं के प्रदर्शनों, बार-बार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक और संस्थागत जवाबदेही को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि केवल किसी एक व्यक्ति का इस्तीफा समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था में बदलाव जरूरी है.
उन्होंने कहा कि युवाओं के विरोध प्रदर्शन की वह सराहना करती हैं, लेकिन किसी मंत्री के इस्तीफे से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि Union Minister के इस्तीफे के बाद भी परीक्षा कराने वाली व्यवस्था और एजेंसी में बदलाव नहीं होता, तो इसका क्या लाभ है.
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग पर भी कविता ने कहा कि केवल किसी व्यक्ति के पद छोड़ने से व्यवस्था नहीं बदलेगी. उन्होंने कहा कि पूरी चुनाव प्रणाली में बदलाव और जवाबदेही तय करने की जरूरत है.
कविता ने कहा, “अगर आप सीईसी का इस्तीफा चाहते हैं और वह इस्तीफा दे भी देते हैं, तो इससे क्या फायदा होगा? पूरी व्यवस्था को बदलना होगा और जवाबदेही तय करनी होगी.” उन्होंने कहा कि उनके विचार में पेपर बैलेट चुनाव प्रक्रिया के लिए बेहतर समाधान हो सकता है.
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डीएससी