
चेन्नई, 31 अगस्त . तमिलनाडु विधानसभा वीकेंड की दो दिन की छुट्टी के बाद Monday को फिर से शुरू होगी, जिसमें चार अहम विभागों के लिए अनुदान की मांगों पर चर्चा की जाएगी.
सदन ने 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए चल रहे बजट सत्र के तहत अब तक 32 विभागों के लिए अनुदान की मांगों पर बहस पूरी कर ली है. राज्य बजट और कृषि बजट पर आम बहस खत्म होने के बाद, 17 अगस्त को विभागों के हिसाब से चर्चा शुरू हुई थी.
तमिलनाडु Government ने 5 अगस्त को विधानसभा में 2026-27 का आम बजट और 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया. 7, 10 और 11 अगस्त को सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने इन दोनों बजटों पर आम चर्चा में हिस्सा लिया. वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद ने 12 अगस्त को बहस का जवाब दिया.
इसके बाद विधानसभा ने अलग-अलग Governmentी विभागों के लिए ग्रांट की मांगों पर विचार करना शुरू किया, जिससे विधायकों को अपने चुनाव-क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाने और विभागों के खर्च के प्रस्तावों की जांच करने का मौका मिला.
Monday की कार्यवाही ‘प्रश्नकाल’ से शुरू होगी, जिसमें मंत्री अपने चुनाव-क्षेत्रों और Governmentी नीतियों से जुड़े विभिन्न मामलों पर सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देंगे.
प्रश्नकाल के बाद सदन दिव्यांगजन कल्याण विभाग, निषेध और आबकारी विभाग, समाज कल्याण और महिला अधिकार विभाग, तथा कृषि और किसान कल्याण विभाग के लिए ग्रांट की मांगों पर विचार करेगा.
सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य इस बहस में हिस्सा लेंगे और दिव्यांगों के लिए कल्याणकारी सहायता, राज्य की आबकारी नीतियों को लागू करने, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों, और किसानों की मदद के उपायों से जुड़े मुद्दे उठाएंगे.
Chief Minister सी. जोसेफ विजय, जिनके पास दिव्यांगों के कल्याण का विभाग है, उस विभाग से जुड़े मामलों पर जवाब देंगे.
निषेध और आबकारी मंत्री के. विग्नेश, सामाजिक कल्याण और महिला अधिकार मंत्री के. जगदीशवरी, कृषि और किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद अपने-अपने विभागों से जुड़े विधायकों के सवालों और उठाए गए मुद्दों का जवाब देंगे.
बहस का जवाब देने से पहले, मंत्रियों के अपने विभागों से जुड़ी नई योजनाओं, नीतिगत उपायों और विकास पहलों की घोषणा करने की उम्मीद है. इसके बाद विधानसभा अनुदान की मांगों पर मतदान करेगी, जिससे Government को चालू वित्त वर्ष के दौरान विभागीय खर्चों को पूरा करने की मंजूरी मिलेगी.
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ओपी/एएस