
चेन्नई, 14 सितंबर . तमिलनाडु के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले तीन दिनों में नीलगिरी और कोयंबटूर जिलों के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है. साथ ही इस क्षेत्र में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.
मौसम में बदलाव की वजह दक्षिण-पश्चिम Madhya Pradesh से मन्नार की खाड़ी तक फैली एक ‘ट्रफ’ (हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र) को माना जा रहा है. इसके असर से तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, खासकर पश्चिमी घाट के इलाकों में बारिश के तेज होने की उम्मीद है.
मौसम विभाग ने कहा है कि Monday से Wednesday के बीच नीलगिरि और कोयंबटूर जिलों के पहाड़ी इलाकों में कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है.
पहाड़ी इलाकों के जोखिम भरे रास्तों से गुजरने वाले स्थानीय लोगों, पर्यटकों और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
Monday और Tuesday को पश्चिमी घाट के अन्य जिलों में भी कुछ जगहों पर तेज जमीनी हवाओं के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है. तिरुपत्तूर, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, कृष्णगिरि, धर्मपुरी, इरोड, सलेम, नमक्कल, करूर, त्रिची, अरियालुर, पेरम्बलुर और कल्लाकुरिची जिलों के लिए भी ऐसे ही मौसम का अनुमान लगाया गया है.
कुछ इलाकों में बारिश से अभी की गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है. हालांकि, तेज हवाओं से सड़क पर सफर करने में दिक्कत हो सकती है और खुली जगहों पर कमजोर इमारतों, पेड़ों और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है.
पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे मौसम की जानकारी पर नजर रखें, खासकर तब जब लंबे समय तक भारी बारिश होती रहे. घाट वाली सड़कों पर गाड़ी चलाने वालों को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि बारिश से विजिबिलिटी कम हो सकती है और सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं.
चेन्नई में आम तौर पर बादल छाए रहने की उम्मीद है और शाम या रात के समय शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है. फिलहाल राजधानी में बड़े पैमाने पर भारी बारिश का अनुमान नहीं है.
कई जिलों में बारिश की संभावना के बावजूद, तमिलनाडु के अंदरूनी इलाकों में दिन का तापमान अधिक रहने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ जगहों पर अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा हो सकता है.
अधिक तापमान, उमस और बीच-बीच में होने वाली बारिश से मौसम असहज हो सकता है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर की धूप में ज्यादा देर तक न रहें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और सफर करते समय जरूरी सावधानी बरतें.
अधिकारियों से उम्मीद है कि वे नीलगिरि और कोयंबटूर की पहाड़ियों में मौसम की स्थिति पर कड़ी नजर रखेंगे, जहां कभी-कभी जोरदार बारिश से जलभराव, जमीन खिसकने की छोटी-मोटी घटनाएं और पहाड़ी सड़कों पर रुकावटें आ सकती हैं.
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ओपी/एएस