ड्रग्स संकट पर भगवंत मान और भाजपा आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त: प्रताप सिंह बाजवा

चंडीगढ़, 14 सितंबर . पंजाब में भारतीय जनता पार्टी द्वारा 18 सितंबर से राज्यव्यापी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ शुरू करने से पहले विपक्ष के नेता (एलओपी) और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने Monday को आम आदमी पार्टी Government और केंद्र Government दोनों की आलोचना की.

उन्होंने कहा कि ड्रग सप्लाई चेन को खत्म करने के बजाय दोनों Governmentें राज्य के गंभीर ड्रग संकट को Political आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बना रही हैं. बाजवा ने Chief Minister भगवंत मान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य और केंद्र Governmentें एक-दूसरे पर आरोप लगाकर अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही हैं.

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, “भगवंत मान सीमा पार से तस्करी, बीएसएफ और मुंद्रा पोर्ट की बातें करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते. साथ ही भाजपा भी पंजाब पर आरोप लगाकर खुद को बरी नहीं कर सकती, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय सीमा, बंदरगाह और राष्ट्रीय ड्रग-तस्करी नेटवर्क उन इलाकों में आते हैं जहां केंद्र Government की अहम जिम्मेदारी है. पंजाब के युवाओं को कार्रवाई चाहिए, न कि मान-मोदी का आरोप-प्रत्यारोप का खेल.”

उन्होंने कहा कि Chief Minister भगवंत मान के हजारों गिरफ्तारियों और First Information Report के दावों की असलियत से तुलना की जानी चाहिए.

उन्होंने सवाल किया, “अगर Government ने सच में ड्रग्स के खिलाफ अपनी लड़ाई जीत ली है तो ‘चिट्टा’ (सिंथेटिक ड्रग) अभी इतनी आसानी से क्यों मिल रहा है? कितने बड़े ड्रग तस्करों को सजा हुई है? ड्रग्स से जुड़ा कितना पैसा जब्त किया गया है? माफिया को समर्थन देने वाले कितने Political और वित्तीय नेटवर्क तोड़े गए हैं?”

बाजवा ने कहा कि संगरूर में गुलजार सिंह की दुखद घटना आप और भाजपा दोनों के लिए शर्म की बात होनी चाहिए.

विपक्ष के नेता ने बताया कि गुलजार सिंह ने ड्रग्स की आसान उपलब्धता का मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया था और बाद में जहर खाकर उनकी मौत हो गई. बाजवा ने कहा कि गुलजार सिंह की मौत से जुड़े हालात और उत्पीड़न के आरोपों की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

उन्‍होंने कहा, “सीएम मान को अपने चहेते मंत्री हरपाल सिंह चीमा को बचाना बंद करना चाहिए, जिनका नाम गुलजार सिंह ने अपनी मौत से पहले लिया था.”

बाजवा ने मोहनजीत सिंह पर Police के हमले की भी निंदा की, जिन्होंने ड्रग्स की समस्या के खिलाफ आवाज उठाई थी. बाजवा ने कहा, “अगर ड्रग्स के बारे में बात करने वाले किसी नागरिक को Police हिरासत में पीटा जाता है तो यह Government पंजाब के लोगों को क्या संदेश दे रही है? ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए, उन्हें डराया-धमकाया नहीं जाना चाहिए.”

कांग्रेस नेता बाजवा ने कहा, “गुलजार सिंह ने आवाज उठाई और आप समर्थकों द्वारा परेशान किए जाने के बाद उनकी मौत हो गई. मोहनजीत सिंह ने आवाज उठाई और उन्हें Police की बर्बरता का शिकार होना पड़ा. मान और भाजपा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और एक-दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं. यह ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई नहीं है. यह Political नैरेटिव की लड़ाई है.”

एएसएच/वीसी

Leave a Comment