डूसू चुनाव 2026 : एनएसयूआई ने काटा टिकट, फिर दीपांशु शौकीन ने निर्दलीय चुनाव जीतकर दिखाया दम

New Delhi, 19 सितंबर . कौन कहता है ‘आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो.‘ कवि दुष्यंत कुमार की पंक्ति दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2026 में उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते दीपांशु शौकीन पर सटीक बैठती है. एनएसयूआई से टिकट नहीं मिलने के बाद शौकीन ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और 30,615 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद अपने नाम किया.

जीत के बाद दीपांशु शौकीन ने कहा कि वह चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों को याद रखेंगे और अपनी जिम्मेदारियों का पालन करेंगे. उन्होंने कहा कि छात्रों ने जिस भरोसे के साथ उन्हें चुना है, वह अब उनकी जिम्मेदारी है. छात्रों ने मुझ पर भरोसा किया है. मैंने सिर्फ उनकी आवाज बनने की कोशिश की है. अब जिम्मेदारी और बढ़ गई है. मेरा वादा है कि छात्रों के हित के लिए डूसू जवाबदेह बनेगा.

डीयू से जुड़े छात्रों का मानना है कि दीपांशु उनके बीच काफी लोकप्रिय हैं. इस बात की गवाही जीत का आंकड़ा भी देता है.

डूसू चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए कुल 60,854 वोट पड़े. इनमें दीपांशु शौकीन को 30,615 वोट मिले. इशू मौर्या को 16,910, वीर चतरथ को 4,313 और अरण्य सिंह राठौड़ को 2,274 वोट मिले.

वहीं, डूसू के तीन अन्य प्रमुख पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उम्मीदवार विजयी रहे. अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह ने जीत दर्ज की.

अध्यक्ष पद के लिए कुल 60,845 वोट पड़े. एबीवीपी के यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले. अनन्या रतूड़ी को 5,377 वोट मिले. इस पद 4,310 छात्रों ने नोटा को वोट दिया.

संयुक्त सचिव पद के लिए कुल 60,825 वोट पड़े. एबीवीपी के लक्ष्यराज सिंह को 16,615 वोट मिले और उन्होंने यह सीट जीती. विशेष यादव को 15,778, एनएसयूआई के गोपाल चौधरी को 15,206 और नोटा को 7,389 वोट मिले.

सचिव पद के लिए कुल 60,776 वोट पड़े. एबीवीपी की रिया छावड़ी को 21,650 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले. पंकज कुमार को 7,639 और नोटा को 7,884 वोट मिले.

डीकेएम/एबीएम

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