डीएमके सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने, एसआईआर रद्द करने और बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की

चेन्नई, 17 अक्टूबर . द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सांसदों ने Saturday को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की. पार्टी की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई.
डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में Saturday सुबह 11 बजे चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम के मुरासोली मारन बैठक हॉल में यह बैठक हुई. इसमें चार प्रस्ताव पारित किए गए. बैठक में पारित पहले प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई. पार्टी ने चुनावी प्रशासन को लेकर अपनी आलोचना के साथ एसआईआर प्रक्रिया का भी विरोध किया.
बैठक में President से संपर्क कर कथित चुनावी अनियमितताओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग करने का भी निर्णय लिया गया. इसके तहत President को एक याचिका सौंपी जाएगी, जिसमें मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मतदान प्रणाली से संबंधित पार्टी की मांगें रखी जाएंगी. हालांकि, पार्टी की ओर से जारी प्रस्तावों के संक्षिप्त विवरण में कथित अनियमितताओं के विशिष्ट मामलों या मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए दिए जाने वाले आधारों का उल्लेख नहीं किया गया. President को सौंपे जाने वाले प्रस्तावित ज्ञापन के अन्य विवरण भी साझा नहीं किए गए.
दूसरे प्रस्ताव में छात्र संगठनों की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शनों को समर्थन देने का निर्णय लिया गया. हालांकि, इस प्रस्ताव में संबंधित छात्र संगठनों के नाम, उनकी विशिष्ट मांगों या प्रदर्शन स्थलों का उल्लेख नहीं किया गया.
तीसरे प्रस्ताव में डीएमके ने कांग्रेस और तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) की आलोचना की और दोनों दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. हालांकि, पार्टी ने इस आलोचना के पीछे के बयानों या घटनाओं का विस्तृत विवरण नहीं दिया.
चौथे प्रस्ताव में चुनाव संबंधी मुद्दों को लेकर President के समक्ष अपनी मांगें रखने पर जोर दिया गया. इसमें एसआईआर को पूरी तरह रद्द करने, ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने और President को याचिका सौंपने की मांगें शामिल हैं.
इन प्रस्तावों के जरिए डीएमके संसदीय दल ने चुनावी प्रशासन, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मतदान प्रक्रिया को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया. साथ ही, पार्टी ने छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शनों को समर्थन देने और कांग्रेस तथा टीवीके की आलोचना करने का भी निर्णय लिया.
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डीएससी


