टाटा बोइंग एयरोस्पेस ने हैदराबाद संयंत्र से 400वां अपाचे हेलीकॉप्टर फ्यूजलेज किया डिलीवर

New Delhi, 14 सितंबर . बोइंग और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (टीबीएएल) ने एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर के लिए अपना 400वां फ्यूजलेज तैयार कर उसकी डिलीवरी कर दी है, जो India की बढ़ती एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.

400वें फ्यूजलेज का निर्माण टीबीएएल की हैदराबाद स्थित निर्माण इकाई में किया गया. 52,000 वर्ग मीटर में फैली यह अत्याधुनिक सुविधा अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए महत्वपूर्ण संरचनात्मक हिस्सों का निर्माण करती है, जिनकी आपूर्ति दुनिया भर के रक्षा ग्राहकों को की जाती है.

इस उपलब्धि को India स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी प्रमुखता से रेखांकित किया. दूतावास ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 400 अपाचे फ्यूजलेज का निर्माण बोइंग और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की एक बड़ी उपलब्धि है और यह भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की निरंतर मजबूती को दर्शाता है.

टीबीएएल की हैदराबाद इकाई एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर के मुख्य फ्यूजलेज ढांचे का निर्माण करती है. इसके बाद इन संरचनाओं को अंतिम रूप से हेलीकॉप्टर में एकीकृत कर दुनिया भर के ग्राहकों को आपूर्ति की जाती है. अपाचे हेलीकॉप्टर का उपयोग अमेरिकी सेना के अलावा 19 अन्य देशों की सैन्य सेनाएं भी करती हैं.

बोइंग ने कहा कि India में निर्मित इन फ्यूजलेज का उपयोग उन हेलीकॉप्टरों में किया जाता है जो दुनिया भर में ग्राहकों को दिए जाते हैं. इनमें अमेरिकी सेना को आपूर्ति किए गए हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ वर्ष 2025 में भारतीय सेना को दिए गए छह अपाचे हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं. वहीं भारतीय वायुसेना के पास वर्तमान में 22 एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टरों का बेड़ा है.

दुनिया भर में अभी लगभग 1,300 अपाचे हेलीकॉप्टर 19 देशों में सेवा दे रहे हैं. ऐसे में यह उपलब्धि वैश्विक अपाचे आपूर्ति शृंखला में भारतीय विनिर्माण की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है.

वर्ष 2016 में स्थापित टीबीएएल ने हैदराबाद स्थित अपनी इकाई को उन्नत एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया है, जहां 750 से अधिक इंजीनियर और तकनीशियन कार्यरत हैं. यह संयंत्र रोबोटिक्स, स्वचालित उपकरणों और उन्नत एयरोस्पेस उत्पादन तकनीकों का उपयोग करके उच्च सटीकता वाले पुर्जों का निर्माण करता है.

कंपनी की उत्पादन गति में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. टीबीएएल ने फरवरी 2025 में अपना 300वां अपाचे फ्यूजलेज तैयार किया था. इसके बाद केवल 18 महीनों में कंपनी ने अतिरिक्त 100 फ्यूजलेज का निर्माण कर 400 का आंकड़ा पार कर लिया है, जो इसकी विनिर्माण क्षमता और दक्षता में बढ़ोतरी को दर्शाता है.

डीबीपी

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