झारखंड में डीजीपी नियुक्ति मुद्दे पर केंद्र ने Supreme Court में दाखिल की अर्जी , कहा- राज्य सरकार ने नियमों का नहीं किया पालन

रांची/ New Delhi, 7 अक्टूबर . Jharkhand में Police महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति विवाद में केंद्र से शीर्ष अदालत का रुख किया है. केंद्र Government ने Wednesday को Supreme Court में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया कि Jharkhand Government ने डीजीपी की नियुक्ति के लिए वर्ष 2025 में नियम बनाते समय Supreme Court के ‘प्रकाश सिंह बनाम India संघ’ मामले में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया.

केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामला उठाया. केंद्र Government ने Jharkhand को डीजीपी की नियुक्ति में उसके पुराने निर्देशों का पालन करने का आदेश देने की मांग की है. साथ ही 2025 के नियम के तहत की गई नियुक्तियों को गैर-कानूनी घोषित करने की मांग की गई है. मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को निर्धारित की गई है.

केंद्र के अनुसार, Jharkhand Government ने 8 जनवरी 2025 को ‘Jharkhand के Police महानिदेशक और Police महानिरीक्षक (Police बल के प्रमुख) के चयन और नियुक्ति नियम, 2025’ अधिसूचित किए थे. केंद्र का आरोप है कि इन नियमों में Supreme Court के 22 सितंबर 2006, 3 जुलाई 2018, 16 जनवरी 2019 और 13 मार्च 2019 के निर्देशों का पालन नहीं किया गया. Supreme Court के 3 जुलाई 2018 के निर्देश के अनुसार, राज्य Governmentों को मौजूदा डीजीपी के सेवानिवृत्त होने से कम से कम तीन महीने पहले संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को अधिकारियों के नाम भेजने होते हैं. यूपीएससी इन नामों के आधार पर पैनल तैयार करता है और राज्य Government को उसी पैनल में से डीजीपी नियुक्त करना होता है.

केंद्र का आरोप है कि Jharkhand ने 2025 के नियम बनाने से पहले Supreme Court की अनुमति भी नहीं ली. इसके बाद 2 फरवरी 2025 को आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता को दो वर्ष के लिए Jharkhand का डीजीपी नियुक्त किया गया. केंद्र की अर्जी के अनुसार, नियुक्ति के समय गुप्ता की सेवा में करीब तीन महीने ही बचे थे और उनकी सेवानिवृत्ति 30 अप्रैल 2025 को होनी थी. गृह मंत्रालय ने 22 अप्रैल, 3 मई और 23 मई 2025 को पत्र भेजकर नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी. बाद में Jharkhand Government ने 6 नवंबर 2025 को गुप्ता की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के अनुरोध को मंजूरी दी.

इसके बाद 29 दिसंबर 2025 को Jharkhand Government ने 2025 की नियमावली में संशोधन कर डीजीपी नियुक्ति के लिए छह महीने की न्यूनतम बची सेवा की शर्त हटा दी. अगले ही दिन, 30 दिसंबर 2025 को तदाशा मिश्रा को डीजीपी नियुक्त किया गया. केंद्र के अनुसार, मिश्रा 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने वाली थीं. इस नियुक्ति पर भी केंद्र ने आपत्ति जताई. जनवरी 2026 में गृह मंत्रालय ने Jharkhand Government को पत्र भेजकर 2025 की नियमावली और मिश्रा की नियुक्ति रद्द करने तथा Supreme Court के निर्देशों के अनुसार डीजीपी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने को कहा.

मई 2026 में Supreme Court ने Jharkhand में नियमित डीजीपी की नियुक्ति के मामले पर संज्ञान लेते हुए राज्य से अनुपालन हलफनामा मांगा था. अदालत ने यह भी पूछा था कि उसके निर्देश के अनुसार डीजीपी नियुक्ति के लिए प्रस्ताव यूपीएससी को क्यों नहीं भेजा गया. इसी मामले में अब केंद्र ने नई अर्जी दाखिल कर 2025 की नियमावली और उसके तहत की गई नियुक्तियों को चुनौती दी है.

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एसएनसी/डीकेपी

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