झारखंड में कानून व्यवस्था खराब, जनता खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही: तुहिन सिन्हा

जमशेदपुर, 25 सितंबर . भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने Jharkhand की हेमंत सोरेन Government पर कानून-व्यवस्था, खनन नीति और विकास के मुद्दों को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राज्य में प्रशासन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर लोगों में चिंता है. उन्होंने जमशेदपुर में बैंक लूट की घटना का जिक्र करते हुए इसे बिहार-Jharkhand के पुराने दौर की आपराधिक घटनाओं से जोड़कर देखा.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब, Jharkhand और अन्य विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था की समस्या देखने को मिल रही है. Jharkhand Government का प्रशासन पर पर्याप्त फोकस नहीं है.

सिन्हा ने कहा कि जमशेदपुर में दिनदहाड़े बैंक में हुई लूट की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं. इस तरह की घटनाएं उन्हें उस दौर की याद दिलाती हैं, जब वर्ष 1995 से 2000 के बीच बिहार और Jharkhand एक राज्य थे और वहां अपराध की घटनाओं को लेकर लगातार चर्चा होती थी.

उन्होंने हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य Government का ध्यान प्रशासन के बजाय अन्य Political मुद्दों पर अधिक है, जिसके चलते प्रदेश में लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और आए दिन कोई न कोई घटनाएं सामने आती रहती हैं.

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए सिन्हा ने कहा कि उनके दो प्रमुख विचार ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानववाद’ थे. उन्होंने कहा कि अंत्योदय का अर्थ समाज की कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक Governmentी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. सिन्हा ने दावा किया कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र Government ने डिजिटल तकनीक और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से इस दिशा में काम किया है.

उन्होंने दावा किया कि डीबीटी के जरिए बड़ी मात्रा में Governmentी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है. सिन्हा ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि जिस डिजिटल व्यवस्था पर पहले सवाल उठाए जाते थे, उसी के माध्यम से आज Governmentी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है.

सिन्हा ने दावा किया कि पिछले एक दशक में बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं. उन्होंने पूर्व Prime Minister राजीव गांधी के उस पुराने बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि Government द्वारा खर्च किए गए एक रुपए में से केवल 15 पैसे ही गरीबों तक पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के कारण अब Governmentी सहायता का बड़ा हिस्सा सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है.

उन्होंने कहा कि यदि राजस्व व्यय बढ़ता रहे और पूंजीगत व्यय तथा इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाए तो राज्य के विकास में असंतुलन पैदा हो सकता है.

सिन्हा ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक संशय पैदा कर रही है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी हुई है और चुनावों में दोबारा मतदान की घटनाओं में कमी आई है.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाई जाने वाली वैध चिंताओं का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए.

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एसएके/डीकेपी

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