
मेदिनीनगर, 14 सितंबर . पलामू सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विजय कुमार के डिजिटल सिग्नेचर का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर 33 जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया है. प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उनका वितरण भी कर दिया गया था. मामला सामने आने के बाद सभी 33 प्रमाण पत्रों को रद्द कर दिया गया है. अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर मेदिनीनगर टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज कर Police ने जांच शुरू कर दी है.
प्राथमिकी के अनुसार, सदर अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार को जिम्मेदारी दी गई है. काम का दबाव अधिक होने के कारण बिश्रामपुर निवासी शिवनारायण साव को भी पोर्टल की आईडी उपलब्ध कराई गई थी. शिवनारायण साव के कार्यकाल और पोर्टल पर किए गए कार्यों की जांच के दौरान उपाधीक्षक के डिजिटल सिग्नेचर के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया. अब Police के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि डिजिटल सिग्नेचर का वास्तविक इस्तेमाल किस व्यक्ति ने किया.
जांच में पोर्टल लॉगिन, सिस्टम रिकॉर्ड, डिजिटल सिग्नेचर के इस्तेमाल और प्रमाण पत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया की तकनीकी जांच अहम होगी. Police यह भी पता लगाएगी कि जारी किए गए प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन किसने किए और उन्हें किस स्तर से स्वीकृति मिली. पलामू में जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े फर्जीवाड़े का यह पहला मामला नहीं है. इसी वर्ष मई में गढ़वा के मेराल प्रखंड में एक ऑनलाइन सेंटर से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया था. जांच में सेंटर संचालक की भूमिका सामने आई थी और मेदिनीनगर से जुड़े एक व्यक्ति का नाम भी सामने आया था.
वहीं, पिछले वर्ष जुलाई में मेदिनीनगर कचहरी परिसर में संचालित ऑनलाइन सेंटर से बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र बरामद किए गए थे. इन प्रमाण पत्रों पर अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर होने की बात सामने आई थी. Police ने सेंटर संचालक को गिरफ्तार कर सेंटर सील कर दिया था. सितंबर 2025 में मेदिनीनगर निगम के एक कंप्यूटर ऑपरेटर पर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप भी लगा था.
जांच में Governmentी शुल्क से कई गुना अधिक राशि लिए जाने की बात सामने आई थी और ऑपरेटर को हटा दिया गया था. मौजूदा मामले में Police की जांच से यह स्पष्ट होगा कि 33 प्रमाण पत्र किस प्रक्रिया के तहत जारी हुए और डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल किसने किया. Police सभी संबंधित तकनीकी रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही है.
–
एसएनसी/पीएम