
रांची, 9 अक्टूबर . Jharkhand के लातेहार जिले में एक आदिवासी महिला के साथ Police की कथित मारपीट और प्रताड़ना के मामले में Chief Minister हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है. उन्होंने लातेहार जिले के Police अधीक्षक को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने और इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया है.
यह घटना Jharkhand जनाधिकार महासभा नामक संगठन की ओर से social media मंच ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट के जरिए सीएम के संज्ञान में आई. इसके बाद Chief Minister ने लातेहार Police अधीक्षक को सख्त निर्देश देते हुए लिखा कि यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है. मामला लातेहार जिले के बारियातू थाना क्षेत्र का है. पीड़ित महिला और ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार, 5 अक्टूबर को दोपहर में पुनिया देवी बकरी चराने गई थीं. इसी दौरान सादे कपड़ों में पहुंचे Policeकर्मियों से उनका विवाद हुआ.
आरोप है कि बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और तीन अन्य Policeकर्मी महिला को अपने साथ ले गए. महिला ने रास्ते में मारपीट करने, दुर्व्यवहार और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों के मुताबिक, थाने में भी महिला के साथ मारपीट की गई. उन्हें कथित तौर पर हाथ बांधकर उल्टा लटकाया गया और डंडों से पीटा गया. महिला ने Policeकर्मियों पर यौन दुर्व्यवहार के भी आरोप लगाए हैं.
आवेदन में यह आरोप भी लगाया गया है कि Policeकर्मियों ने महिला पर पोस्ता की खेती करने का आरोप लगाया और घर में शादी के लिए रखे 80 हजार रुपये जबरन ले लिए. महिला को अगले दिन रात में थाने से छोड़े जाने की बात कही गई है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
घटना के विरोध में ग्रामीणों ने लातेहार के Police अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत देते हुए संबंधित Policeकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. मामला सामने आने के बाद Chief Minister ने Police प्रशासन को जांच के निर्देश दिए.
लातेहार Police प्रशासन ने मामले की जांच के लिए बालूमाथ के अनुमंडल Police पदाधिकारी और एक महिला Police पदाधिकारी के नेतृत्व में जांच दल गठित किया है. Jharkhand जनाधिकार महासभा और स्थानीय आदिवासी संगठनों ने आरोपित Policeकर्मियों को निलंबित करने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है.
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एसएनसी/एसके