
एशविले, 31 अगस्त . जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में हिस्सा लेने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण Sunday (अमेरिकी स्थानीय समय) को अमेरिका के साउथ कैरोलिना पहुंचीं. इस बैठक में ग्लोबल ग्रोथ, आर्थिक असंतुलन, Governmentी कर्ज और ईरान संघर्ष के नतीजों पर चर्चा होगी.
ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिका में India के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सीतारमण का स्वागत किया. सीतारमण Monday से नॉर्थ कैरोलिना के एशविल में शुरू होने वाली दो दिवसीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी.
India के वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण का आज साउथ कैरोलिना के ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिका में India के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने स्वागत किया.”
मंत्रालय ने बताया कि वित्त मंत्री अगले दो दिनों तक नॉर्थ कैरोलिना के एशविल में आयोजित जी20 और उससे जुड़ी बैठकों में भाग लेंगी.
Sunday को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श भी एशविल पहुंचे. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों जॉइंट बेस एंड्रयूज से एक साथ वहां पहुंचे.
बेसेंट जी20 के 19 सदस्य देशों, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंक गवर्नरों की मेजबानी करेंगे. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और आमंत्रित संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल होंगे.
अमेरिका ने अपनी जी20 वित्तीय अध्यक्षता के दौरान आर्थिक विकास को सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाया है.
एशविल पहुंचने के बाद स्कॉट बेसेंट ने ‘एक्स’ पर लिखा, “जैसे President ट्रंप अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नई गति देने और उसे अपनी Government की प्राथमिकता बनाने पर काम कर रहे हैं, वैसे ही हम भी इस वर्ष जी20 वित्तीय ट्रैक के मेजबान के रूप में आर्थिक विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “हम दुनिया भर के नीति निर्माताओं और निजी क्षेत्र के नेताओं के साथ मिलकर यह संदेश देना चाहते हैं कि मजबूत आर्थिक विकास न केवल संभव है, बल्कि जरूरी भी है.”
बैठक में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, लंबे समय से बने ग्लोबल आर्थिक असंतुलन को दूर करने, Governmentी ऋण संबंधी चुनौतियों से निपटने और अधिक मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने पर चर्चा होने की उम्मीद है. ईरान से जुड़े संघर्ष के आर्थिक प्रभाव, खासकर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले व्यापार में व्यवधान, भी चर्चा के प्रमुख विषय रहेंगे.
बताया जा रहा है कि अमेरिका इस बैठक और द्विपक्षीय वार्ताओं के जरिए ईरान के आर्थिक संबंधों को सीमित करने के अपने अभियान के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकता है.
हालांकि, प्रतिबंधों, व्यापार शुल्कों (टैरिफ) और चीन की औद्योगिक नीतियों जैसे मुद्दों पर मतभेदों के कारण किसी व्यापक सहमति वाले दस्तावेज पर पहुंचना आसान नहीं माना जा रहा है.
जी20 बैठक में शामिल होने से पहले सीतारमण ने शिकागो में निवेश, नवाचार और India की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं पर केंद्रित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.
एक कारोबारी गोलमेज बैठक में उन्होंने वैश्विक कंपनियों को India में विनिर्माण इकाइयां, प्रौद्योगिकी केंद्र और नवाचार केंद्र स्थापित करने का निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि कंपनियां India को अंतरराष्ट्रीय बाजारों की सेवा देने के आधार के रूप में उपयोग कर सकती हैं.
सीतारमण ने कहा, “नीतिगत माहौल लगातार ऐसा बनाया जा रहा है जिससे व्यवसायों को निवेश, विनिर्माण, नवाचार और विस्तार करने में सुविधा मिले. जब वैश्विक कंपनियां अपनी सप्लाई चेन और पूंजी निवेश की रणनीति पर दोबारा विचार कर रही हैं, तब India केवल एक बड़ा बाजार ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निवेश और संचालन के लिए एक मजबूत मंच भी प्रदान करता है.”
वित्त मंत्री ने कृषि, रक्षा प्रौद्योगिकी और आतिथ्य क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की.
इन बैठकों में एडीएम के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य वित्त अधिकारी मोनीश पटोलावाला, शील्ड एआई के सह-संस्थापक और अध्यक्ष ब्रैंडन सेंग, तथा हयात के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क एस होपलामाजियन शामिल थे.
सीतारमण ने शिकागो में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने Government के राजकोषीय सुधार कार्यक्रम, India के आर्थिक लक्ष्यों तथा द्विपक्षीय व्यापार और निवेश समझौतों के प्रति India के दृष्टिकोण पर चर्चा की.
एशविल में अपनी बैठकों के बाद सीतारमण निवेशकों और कंपनियों से मुलाकात के लिए न्यूयॉर्क जाएंगी. यह उनकी छह दिवसीय अमेरिका यात्रा का हिस्सा है.
एशविल में हो रही यह मंत्रीस्तरीय बैठक जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारी का हिस्सा है. यह शिखर सम्मेलन दिसंबर में मियामी में आयोजित होने वाला है, जिसकी मेजबानी अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप करेंगे.
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एवाई/एएस