जिनेवा में नासिक की गूंज, मेयर हिमगौरी ने 80 मेयर्स को दिया कुंभ का न्योता

नासिक, 16 अक्टूबर . नासिक की मेयर हिमगौरी आहेर-आडके ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय मेयर परिषद के समक्ष शहर की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण की पहलों और विकास योजनाओं को प्रस्तुत किया. इस दौरान उन्होंने लगभग 80 मेयरों, करीब 20 राजनयिकों और विभिन्न देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया. मेयर ने बताया कि कई प्रतिनिधियों ने कुंभ मेले में आने में रुचि दिखाई है.
हिमगौरी आहेर-आडके ने जिनेवा में भारतीय संस्कृति को प्रस्तुत करने के अवसर को अद्भुत अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर India की सांस्कृतिक परंपराओं और पर्यावरण संबंधी पहलों को साझा करना उनके लिए गर्व की बात है. मेयर ने Prime Minister Narendra Modi की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल और Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस की ओर से नागपुर में हीट प्रिवेंशन और कूलिंग सस्टेनेबिलिटी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की पहल का उल्लेख किया. उन्होंने कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन की ‘उन्नत नासिक’ पहल का भी जिक्र किया.
हिमगौरी आहेर-आडके ने बताया कि इस पहल के तहत स्वच्छता अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है. पिछले तीन महीनों में नासिक में एक लाख तक पेड़ लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए यह जानना दिलचस्प था कि कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए शहर में व्यवस्थाएं किस तरह की जाती हैं. प्रतिनिधियों ने भारतीय संस्कृति और इतने बड़े आयोजन के प्रबंधन को लेकर उत्सुकता दिखाई.
मेयर ने कहा कि उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ कुंभ मेले में आमंत्रित किया है. इसका अर्थ है कि पूरी दुनिया एक परिवार की तरह रहे और आपसी सहयोग से आगे बढ़े. बारह वर्षों के अंतराल पर होने वाले कुंभ मेले के दौरान समाज और भविष्य की पीढ़ियों के हित से जुड़े विचारों पर मंथन का अवसर मिलता है. समाज के लिए हानिकारक विचारों को पीछे छोड़कर उपयोगी और सकारात्मक विचारों को अपनाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य दिया जा सके.
जिनेवा में विभिन्न शहरों के मेयरों के साथ हुई चर्चाओं का उल्लेख करते हुए हिमगौरी आहेर-आडके ने कहा कि कई शहरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है. कुछ शहरों ने आपदा प्रबंधन में बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि कई जगह दिव्यांगजनों के लिए अच्छी सुविधाएं विकसित की गई हैं. इन शहरों की मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को एक साथ लेकर नासिक के विकास में इस्तेमाल करने की योजना है. उन्होंने यह भी बताया कि सिंगापुर के एक शहर के साथ सिस्टर सिटी संबंध स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने पर विचार किया जा रहा है. इसके अलावा, कुछ विश्वविद्यालयों ने भी नासिक में आने की इच्छा जताई है. मेयर ने जिनेवा स्कूल ऑफ डिप्लोमेसी के India केंद्र का भी उल्लेख किया, जिसके बारे में उन्होंने बताया कि इसे 12 अक्टूबर को खोला गया है.
स्वच्छता अभियान और कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर मेयर ने बताया कि नदी संरक्षण और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों पर चर्चा हुई है. जर्मनी की तकनीक से जुड़े अवसरों पर भी विश्व आर्थिक मंच में चर्चा किए जाने का उन्होंने उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में आने वाले यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए AI आधारित समाधानों पर भी काम किया जाएगा. पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े इन प्रयासों को आगे बढ़ाने की योजना है.
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पीएसके


