Skip to content
Sunday, 18 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
INDIA

भारत ने मालदीव के 30 अरब रुपए की करेंसी स्वैप सुविधा को आगे बढ़ाने के अनुरोध को मंजूरी दी

India ने मालदीव के 30 अरब रुपए की करेंसी स्वैप सुविधा को आगे बढ़ाने के अनुरोध को मंजूरी दी

New Delhi, 16 अक्टूबर . India ने मालदीव Government के 30 अरब रुपए की करेंसी स्वैप सुविधा को आगे बढ़ाने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है. यह फैसला India की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और द्वीपीय देश के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता के तहत लिया गया है. यह जानकारी Friday को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई.

India द्वारा यह सुविधा सार्क देशों के लिए करेंसी स्वैप व्यवस्था के ढांचे के तहत दी जा रही है. इस व्यवस्था पर अक्टूबर 2024 में मालदीव के President मोहम्मद मुइज्जू की India की राजकीय यात्रा के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण के बीच हस्ताक्षर किए गए थे.

इस सुविधा के तहत 30 अरब रुपए की पहली राशि इस साल 23 अप्रैल को मालदीव Government को दी गई थी.

करेंसी स्वैप व्यवस्था के तहत मालदीव को भारतीय रुपए उपलब्ध होते हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर उसे नकदी की उपलब्धता और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है. India के लिए यह निरंतर वित्तीय सहायता हिंद महासागर के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पड़ोसी देश के साथ व्यापक संबंधों का भी हिस्सा है.

वर्ष 2024-27 के ढांचे के तहत द्विपक्षीय करेंसी स्वैप व्यवस्था में रियायती शर्तें शामिल हैं, जिनमें अनुकूल ब्याज दरें और अन्य सुविधाएं शामिल हैं. वर्ष 2012 में इस ढांचे की शुरुआत के बाद से आरबीआई मालदीव को कुल 1.1 अरब डॉलर से अधिक की स्वैप सहायता उपलब्ध करा चुका है.

India ने Governmentी प्रतिभूतियों में निवेश के माध्यम से भी मालदीव की मदद की है. India ने 250 मिलियन डॉलर और 100 मिलियन डॉलर के दो दीर्घकालिक ट्रेजरी बॉन्ड की खरीद की थी. इसके अलावा, India द्वारा खरीदे गए 150 मिलियन डॉलर मूल्य के तीन ट्रेजरी बिलों का भुगतान मालदीव ने कर दिया है. इन प्रतिभूतियों पर लगा 42.8 मिलियन डॉलर का ब्याज India Government ने चुकाया था.

करेंसी स्वैप सुविधा और मालदीव के ट्रेजरी बॉन्ड एवं बिलों में India के निवेश ने देश की वित्तीय स्थिरता को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

यह ताजा फैसला मालदीव के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के India के व्यापक प्रयासों के बीच आया है.

बयान में कहा गया कि India की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और उसके ‘महासागर’ विजन क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति में मालदीव का विशेष स्थान है.

India मालदीव के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है. इसमें अक्टूबर 2024 में President मुइज्जू की India यात्रा के दौरान अपनाई गई ‘व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के लिए संयुक्त दृष्टिकोण’ को लागू करना भी शामिल है.

–

एबीएस

Share