जयशंकर की ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों से मुलाकात, खाड़ी संकट के हालात पर चर्चा

संयुक्त राष्ट्र, 26 सितंबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खाड़ी संकट के केंद्र में मौजूद दो देशों ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की और मौजूदा हालात पर चर्चा की. इस संकट का असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है.

जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर बताया कि Friday को ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमूद बिन हमूद अल बुसैदी ने उन्हें खाड़ी क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण स्थिति की ताजा जानकारी दी.

इससे पहले दिन में जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मुलाकात की. जयशंकर ने ‘एक्‍स’ पर कहा कि दोनों नेताओं ने खाड़ी में जारी संघर्ष से जुड़े ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की.

होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू करने के लिए किसी अंतरिम समाधान तक पहुंचने में ईरान और ओमान की अहम भूमिका है. फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इजरायल की बमबारी के बाद शुरू हुए संकट के कारण इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है.

जयशंकर की ये मुलाकातें ऐसे समय हुईं, जब Friday को होर्मुज स्‍ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया.

अराघची ने होर्मुज स्‍ट्रेट को खोलने के लिए सात दिन की योजना पेश की और साथ ही लंबे समय के युद्धविराम पर बातचीत दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव रखा. खबरों के मुताबिक, ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया.

ओमान और ईरान के बीच जलडमरूमध्य को खोलने की एक योजना पर भी बातचीत हुई थी. इसके तहत वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने और आवाजाही के लिए दो लेन की व्यवस्था बनाने की बात थी. योजना के मुताबिक, जहाज ईरान की तरफ से खाड़ी में प्रवेश करते और ओमान की तरफ से बाहर निकलते.

ईरान के साथ ऐसी योजना पर चर्चा करने को लेकर अमेरिकी President ट्रंप ने ओमान को धमकी दी. आखिरकार ईरान भी इस बातचीत से पीछे हट गया और उसने ओमान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया.

कुछ जहाज ओमान के तट के बेहद करीब से गुजरते हुए होर्मुज स्‍ट्रेट को पार करने में कामयाब रहे हैं, जबकि ईरानी बंदरगाह अमेरिका की घेराबंदी में हैं.

तेहरान ने ओमान वाले रास्ते का इस्तेमाल करने वाले कुछ जहाजों पर हमले भी किए हैं.

इस बीच, जयशंकर ने जहाजरानी के रास्ते बंद किए जाने और जहाजों तथा नाविकों पर हमलों की निंदा की. उन्होंने यह बात 25 देशों के राजनयिकों के साथ हुई एक बैठक में कही. यह बैठक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की शुरुआत के मौके पर आयोजित की गई थी.

–

एवाई/एएस

Leave a Comment