
जम्मू, 6 सितंबर . जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा ने Sunday को कहा कि आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) जम्मू ने रियासी जिले के एक उप-कोषागार से 1.38 करोड़ रुपये से अधिक के गबन और हेराफेरी के मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है.
अधिकारी ने बताया कि क्राइम ब्रांच के एक बयान में कहा गया है कि ईओडब्ल्यू ने Saturday को रियासी स्थित उप-कोषागार धर्मारी से कथित गबन और हेराफेरी के संबंध में 10 आरोपियों के खिलाफ एक नई चार्जशीट दायर की है.
ट्रेजरी-नेट प्रणाली में कथित हेरफेर और पेंशन तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) मदों के तहत जाली बिलों और वाउचरों की तैयारी और उपयोग के संबंध में 2024 में दर्ज एक मामले में पूरक आरोप पत्र रियासी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप Governmentी धन का कथित रूप से गबन हुआ था.
यह मामला शुरू में रियासी जिले के कोषागार अधिकारी कमर रहमान की शिकायत के आधार पर अरनास Police स्टेशन में दर्ज किया गया था.
इसके बाद, जांच को क्राइम ब्रांच (ईओडब्ल्यू) जम्मू को सौंप दिया गया. जांच एजेंसी ने Governmentी खजाने के रिकॉर्ड, बैंक खातों के लेन-देन और मामले से संबंधित संबंधित बिलों और वाउचरों की विस्तृत जांच और छानबीन की. जांच के दौरान, संबंधित बिलों और वाउचरों की फोरेंसिक जांच की गई. एफएसएल रिपोर्ट, साथ ही अन्य दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों से पता चला कि संदिग्ध बिल और वाउचर कथित तौर पर मुख्य आरोपी द्वारा तैयार किए गए थे.
उन्होंने बताया कि जांच में संबंधित दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षरों और संबंधित अधिकारियों के साथ उनके संबंध की भी पड़ताल की गई. जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर, तीन मुख्य आरोपियों अली हुसैन शाह, बलबीर सिंह और अजीत कुमार के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध सिद्ध हुए हैं.
उन्होंने कहा कि जांच में सात अतिरिक्त आरोपियों अरशद-ए-आजम, अबरार-ए-आजम, रुबीना कौसर, मोहम्मद रफीक, शौकत अली, मोहम्मद अशरफ और नसीब मोहम्मद के खिलाफ Governmentी धन की कथित बेईमानी से प्राप्ति और उसे अपने पास रखने के संबंध में कानून की संबंधित धाराओं के तहत अपराध भी स्थापित किए गए हैं.
Governmentी निधियों के किसी भी अन्य दुरुपयोग का पता लगाने और अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता (यदि कोई हो) का पता लगाने के लिए जांच अभी भी जारी है. ईओडब्ल्यू जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा का एक विंग है जो हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराधों की जांच में विशेषज्ञता रखता है, जिसमें प्रौद्योगिकी और आईटी बैकअप जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है.
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एसएके/पीएम