जंतर-मंतर पर अराजकता फैलाने की साजिश नाकाम, चुनाव आते-आते बिखर जाएगा इंडी गठबंधन: पंकज चौधरी

Lucknow, 11 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने Sunday को जंतर-मंतर पर कथित अराजकता फैलाने के प्रयासों को लोकतंत्र के लिए चुनौती बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विफल हुए हैं और लोकतंत्र की जीत हुई है.

उन्होंने Samajwadi Party (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर उत्तर प्रदेश के युवाओं और प्रदेश की छवि को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नौजवानों और किसानों के अच्छे कार्यों की चर्चा भी करनी चाहिए. भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान पंकज चौधरी ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह अराजकता फैलाने की कोशिशें हो रही हैं, वह देश को कमजोर करने की साजिश है.

उन्होंने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों, खासकर युवाओं को बदनाम करने का प्रयास निंदनीय है. उत्तर प्रदेश के युवाओं और किसानों ने अच्छा काम किया है, लेकिन सपा प्रमुख उसकी चर्चा करने के बजाय प्रदेश की छवि खराब करने का काम कर रहे हैं. अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर अखिलेश यादव की Chief Minister योगी आदित्यनाथ को दी गई चुनौती पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा प्रमुख ने Chief Minister को अयोध्या आकर चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी. सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इसे स्वीकार करते हुए कहा था कि वह भी चुनाव लड़ेंगे और अखिलेश यादव भी चुनाव लड़ें.

पंकज चौधरी ने दावा किया कि अखिलेश यादव घबराए हुए हैं और उत्तर प्रदेश में वह कहीं से भी चुनाव लड़ें, उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा. कांग्रेस और Samajwadi Party के गठबंधन पर निशाना साधते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि दोनों दलों का गठबंधन मजबूरी का गठबंधन है. यह न तो स्वाभाविक गठबंधन है और न ही नीति एवं रीति पर आधारित है.

उन्होंने कहा कि जब गठबंधन मजबूरी में होता है तो उसमें खींचतान होना स्वाभाविक है. चुनाव आते-आते पूरा इंडी गठबंधन बिखर जाएगा. उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को विचार करना चाहिए कि आखिर जनता बार-बार उससे दूरी क्यों बना रही है. चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले पार्टी को अपने आंतरिक विरोधाभासों और संगठन की स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

पंकज चौधरी ने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगाती रहती है, लेकिन उसे यह भी चिंतन करना चाहिए कि पार्टी पहले कहां थी और अब कहां पहुंच गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है, लेकिन हार के कारणों की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर आम जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करती है.

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विकेटी/डीकेपी

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