
चंडीगढ़, 1 सितंबर . अमृतसर के Police कमिश्नर पद से हटाए जाने के एक महीने के अंदर ही सीनियर आईपीएस ऑफिसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को Tuesday को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई. उन्हें सुरक्षा से जुड़े अहम पद पर नियुक्त किया गया है.
भुल्लर को पंजाब Police द्वारा पकड़े गए Pakistan की आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल का कनेक्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से जोड़ने वाले बयान पर हुए विवाद के बाद अमृतसर सीपी के पद से हटाया गया था.
Police अधिकारियों के बड़े फेरबदल में भुल्लर को बॉर्डर रेंज का इंस्पेक्टर जनरल ऑफ Police (आईजीपी) नियुक्त किया गया. इस रेंज में अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट जिले आते हैं, जो ज्यादातर भारत-Pakistan सीमा के पास स्थित हैं.
उन्होंने बॉर्डर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) हरमनबीर सिंह गिल की जगह ली, जिन्हें अमृतसर का Police कमिश्नर बनाया गया था.
ट्रांसफर से पहले, भुल्लर उस जांच का नेतृत्व कर रहे थे जिसमें आईएसआई से जुड़ी एक साजिश का पर्दाफाश हुआ था.
पिछले महीने अमृतसर कमिश्नरेट Police ने आईएसआई समर्थित सीमा-पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था. इस दौरान नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया (जिनमें चार नाबालिग भी शामिल थे) और तीन अवैध पिस्तौल, नौ कारतूस और चार पेट्रोल-बोतल बम बरामद किए गए.
social media पर भुल्लर की प्रेस ब्रीफिंग के वीडियो वायरल होने के बाद, Police प्रवक्ता ने साफ किया कि 4 अगस्त को अमृतसर में Police कमिश्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ हिस्सों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था. उस कॉन्फ्रेंस में Police द्वारा आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने की जानकारी दी गई थी, और उन हिस्सों का इस्तेमाल जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जोड़ने की कोशिश के तौर पर किया गया.
प्रवक्ता ने कहा कि Police कमिश्नर ने बताया था कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों ने जंतर-मंतर की रेकी (निगरानी) की थी और पेट्रोल बम का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी. उन्होंने साफ किया कि ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया था जिससे यह लगे कि गिरफ्तार लोग विरोध प्रदर्शनों में शामिल थे या जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों का उस मॉड्यूल से कोई संबंध था.
प्रवक्ता ने कहा कि बदले हुए बैकग्राउंड विजुअल, चुनिंदा वीडियो एडिटिंग और साथ में दिए गए कैप्शन या स्पष्टीकरण ‘गलत हैं और एक भ्रामक धारणा बनाते हैं कि गिरफ्तार लोग जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों से जुड़े थे.’
उन्होंने कहा, “प्रेस कॉन्फ्रेंस के ऑडियो और असल जानकारी में कोई बदलाव या छेड़छाड़ नहीं की गई थी, लेकिन चुनिंदा एडिटिंग और साथ में दिए गए कैप्शन प्रेस कॉन्फ्रेंस को सही ढंग से पेश नहीं करते हैं. ऐसा लगता है कि ये Police कमिश्नर के बयान को गलत और भ्रामक तरीके से पेश करने की कोशिशें हैं.”
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एससीएच/डीकेपी