
New Delhi, 1 अक्टूबर . दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच छतरपुर इलाके में वन विभाग की जमीन पर कथित अतिक्रमण और पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने Government पर निशाना साधा है. आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि छतरपुर की 100 फुटा रोड और 60 फुटा रोड की गली नंबर-1 में सैकड़ों करोड़ रुपए की वन भूमि पर कब्जे की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने दावा किया कि जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से रातों-रात टीन की दीवारें खड़ी की गई हैं और इनके पीछे पेड़ों की कथित अवैध कटाई के साथ निर्माण कार्य भी चल रहा है. सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि तेज डीजे की आवाज की आड़ में हरे और नीले रंग की टीन की दीवारों के पीछे पेड़ों को काटा जा रहा है. उनके मुताबिक, वन भूमि पर अवैध कब्जे के लिए तेजी से निर्माण गतिविधियां की जा रही हैं.
आप नेता ने आरोप लगाया कि छतरपुर के 100 फुटा रोड और 60 फुटा रोड इलाके में Political संरक्षण में कथित तौर पर बिल्डर माफिया सक्रिय है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कुछ लग्जरी मॉल बनने के बाद वन क्षेत्र की जमीन पर कब्जे को लेकर कथित गतिविधियां बढ़ी हैं. भारद्वाज ने कहा कि यदि वन भूमि पर पेड़ों की कटाई और निर्माण की शिकायतें सही हैं तो यह दिल्ली के पर्यावरण और भविष्य के लिए गंभीर विषय है.
उन्होंने Government के पर्यावरण संरक्षण संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एक ओर Government प्रदूषण कम करने और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों की बात करती है, जबकि दूसरी ओर उनके आरोप के मुताबिक वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पेड़ दिल्लीवासियों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनके कटने का सीधा असर पर्यावरण पर पड़ता है.
आप प्रदेश अध्यक्ष ने पर्यावरण एवं वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अधीन आने वाला पर्यावरण एवं वन विभाग क्या इस मामले से परिचित है और यदि है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली Police, एमसीडी, Chief Minister कार्यालय और उपGovernor कार्यालय समेत संबंधित एजेंसियां इस मामले पर चुप हैं.
भारद्वाज ने पूरे मामले की जांच और कथित अवैध निर्माण तथा पेड़ों की कटाई पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. हालांकि, उनके लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभागों या Government की ओर से इस बयान के समय कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. वन भूमि पर कब्जे और पेड़ों की अवैध कटाई के आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक कार्रवाई से ही स्पष्ट होगी.
आप ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की चुनौती के बीच वन क्षेत्रों और हरित क्षेत्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि वन भूमि पर अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई की गतिविधियां जारी रहती हैं तो इसका असर राजधानी के पर्यावरण और वायु गुणवत्ता पर पड़ सकता है.
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पीकेटी/डीकेपी