
नोएडा, 11 सितंबर . नोएडा के सेक्टर-58 थाने की Police ने चोरी और मोबाइल स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. Police ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की एक स्कूटी, चोरी और स्नेचिंग के 12 मोबाइल फोन तथा दो अवैध चाकू बरामद किए हैं. इसके अलावा एक नाबालिग को भी Police ने संरक्षण में लिया है.
Police के मुताबिक, आरोपी चोरी की स्कूटी पर सवार होकर राह चलते लोगों को निशाना बनाते थे और मौका मिलते ही उनके मोबाइल फोन चोरी या स्नेचिंग कर फरार हो जाते थे. Police के अनुसार, 11 सितंबर को सेक्टर-58 Police ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को jaipurिया चौराहा, सेक्टर-62 नोएडा से गिरफ्तार किया.
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रजनीश पुत्र दशरथ, निवासी दीपक विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद, उम्र करीब 19 वर्ष और यश सिंह पुत्र महावीर सिंह, निवासी राजीव विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद, उम्र करीब 21 वर्ष के रूप में हुई है. कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग को भी Police संरक्षण में लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी चोरी की स्कूटी का इस्तेमाल मोबाइल चोरी और स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देने के लिए करते थे. दोनों आरोपी स्कूटी से सड़क पर घूमते थे और राह चलते लोगों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल फोन लेकर फरार हो जाते थे.
Police द्वारा बरामद किए गए 12 मोबाइल फोन के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि इन मोबाइल फोन को दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग स्थानों से चोरी और स्नेचिंग के जरिए हासिल किया गया था. Police ने आरोपियों के कब्जे से बरामद स्कूटी के संबंध में जांच की तो उसका संबंध थाना सेक्टर-58 में दर्ज मुकदमे से पाया गया. Police जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास है.
आरोपी रजनीश के खिलाफ थाना सेक्टर-58 में कई धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं. वहीं, आरोपी यश सिंह के खिलाफ भी चोरी के मामले के अलावा मुकदमे दर्ज हैं. Police ने आरोपियों के पास से एक चोरी की स्कूटी, 12 चोरी/स्नेचिंग के मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं.
Police अब बरामद मोबाइल फोन के संबंध में संबंधित थानों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है. साथ ही आरोपियों से पूछताछ कर दिल्ली-एनसीआर में उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों और गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है.
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पीकेटी/डीकेपी