चुनाव निष्पक्ष नहीं है तो विपक्ष पहले अपनी सरकारों से इस्तीफा दिलाए: मनोज पांडे

Lucknow, 13 अक्टूबर . यूपी Government में मंत्री मनोज पांडे ने राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं के प्रदर्शन, Supreme Court की ओर निकाले गए मार्च और केरल कांग्रेस की ओर से मुख्य न्यायाधीश को लेकर की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने Samajwadi Party के अध्यक्ष अखिलेश यादव के विरोध-प्रदर्शन और चुनाव आयोग को लेकर दिए गए बयानों पर भी सवाल उठाए. विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए मनोज पांडे ने कहा कि अगर उसे लगता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनाव निष्पक्ष नहीं हुए, तो उसे पहले अपनी Governmentों और चुनाव जीतकर आए सांसदों से इस्तीफा दिलाना चाहिए.

मनोज पांडे ने कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने प्रदर्शन किया और Supreme Court पहुंचे. इसके बाद केरल कांग्रेस की ओर से सीजेआई सूर्यकांत को लेकर इस्तीफे संबंधी पोस्ट किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई. उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए विपक्ष पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया. मंत्री ने सवाल किया कि यदि विपक्ष मानता है कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए चुनाव निष्पक्ष नहीं थे, तो क्या वह Himachal Pradesh, Jharkhand, केरल और कर्नाटक में बनी अपनी Governmentों से इस्तीफा दिलाएगा? उन्होंने उत्तर प्रदेश में Samajwadi Party के 37 सांसदों के चुने जाने का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या पार्टी अपने सांसदों से भी इस्तीफा देने को कहेगी.

मनोज पांडे ने राहुल गांधी की रायबरेली से जीत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनका चुनाव निष्पक्ष था या नहीं. उन्होंने तर्क दिया कि यदि विपक्ष चुनावों को गलत मानता है, तो राहुल गांधी को सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए.

विपक्षी नेताओं के इस बयान पर कि जहां प्रदर्शन किया जाएगा, वहीं जंतर-मंतर बना दिया जाएगा और Government विपक्ष को दबा नहीं सकती, मनोज पांडे ने विपक्ष को घेरा. उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोकतंत्र की बात करने से पहले अपने आचरण, चरित्र और इतिहास पर नजर डालनी चाहिए. कांग्रेस ने अतीत में कई Governmentों को अस्थिर किया और बर्खास्त किया था. आज विपक्ष एकजुट होने की बात कर रहा है, लेकिन उसे पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप सभी चुनावों पर लागू होते हैं या केवल उन चुनावों पर जिनमें उसे हार का सामना करना पड़ा.

पांडे ने आरोप लगाया कि विपक्ष अपने चुनावी हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से आम लोगों, एंबुलेंस सेवाओं और व्यापारियों को परेशानी तथा नुकसान हो सकता है. यदि विपक्ष को ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर आपत्ति है, तो उसे पहले अपनी Governmentों और निर्वाचित प्रतिनिधियों से इस्तीफा दिलाकर जनता के बीच जाना चाहिए.

विपक्ष के आरोपों को Political दोहरेपन से जोड़ते हुए मनोज पांडे ने कहा कि चुनाव जीतने पर उसे प्रक्रिया सही लगती है, जबकि हारने पर बेईमानी के आरोप लगाए जाते हैं.

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पीएसके

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