चुनाव आयोग के हलफनामे के बाद राहुल गांधी रद्द करें रैली: प्रवीण खंडेलवाल

New Delhi, 27 अक्टूबर . एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग द्वारा Supreme Court में हलफनामा दाखिल किए जाने के बाद BJP MP प्रवीण खंडेलवाल ने विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हलफनामा दाखिल कर Supreme Court को पूरी सच्चाई और वास्तविक स्थिति से अवगत करा दिया है. ऐसे में अब आंदोलन, रैलियां और विरोध-प्रदर्शन समाप्त हो जाने चाहिए. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली रद्द करने की मांग भी की.
BJP MP प्रवीण खंडेलवाल ने से बात करते हुए कहा कि खबरों के अनुसार, चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे. ऐसे में आयोग के स्पष्टीकरण के बाद इस मुद्दे पर रैली या धरना आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता. राहुल गांधी को इस मुद्दे पर अपनी प्रस्तावित रैली टाल देनी चाहिए.
उत्तर प्रदेश चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री से Chief Minister योगी आदित्यनाथ और भाजपा को फायदा होने संबंधी बाबा रामदेव के बयान पर खंडेलवाल ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के मार्गदर्शन और Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा Government ने उत्तर प्रदेश को आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.
उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा प्रचंड जीत दर्ज करेगी और जनता को पार्टी की Government पर पूरा भरोसा है. अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोप खोखले हैं और अब उनकी बातों में सच्चाई नहीं रह गई है. इसी कारण लोग विपक्ष की बातों को गंभीरता से नहीं लेते.
दिल्ली के व्यापारियों को लेकर राहुल गांधी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस नेता को लगता है कि ट्वीट की राजनीति से व्यापारियों को संतुष्ट किया जा सकता है. राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में मेट्रो बंद होने और सड़कों पर बाधा उत्पन्न होने का मुद्दा उठाया था.
खंडेलवाल ने सवाल किया कि आखिर प्रशासन को ऐसे कदम उठाने की जरूरत क्यों पड़ी और किन परिस्थितियों में प्रशासन को यह फैसला लेना पड़ा. इस पहलू पर भी राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए.
खंडेलवाल ने राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी के पास इस संबंध में कोई सबूत और साक्ष्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल रैली करने से क्या हासिल होगा, यह उनकी समझ से परे है.
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एसएके/एएस


