ग्रैप-1 लागू होते ही दिल्ली मेट्रो का बड़ा फैसला, वीकडेज पर चलेंगी 20 अतिरिक्त ट्रेनें

New Delhi, 21 अक्टूबर . राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता खराब होने के बीच ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) चरण-1 लागू कर दिया गया है. इसके बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने Thursday से सप्ताह के कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त मेट्रो फेरे (ट्रिप) चलाने की घोषणा की है.
डीएमआरसी ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है.
डीएमआरसी के बयान के अनुसार, Thursday से दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर सप्ताह के दिनों में 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप संचालित की जाएंगी. इसके साथ ही मेट्रो निर्माण स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय भी तेज किए जाएंगे.
निर्माण स्थलों पर धूल कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे. इसके तहत सड़कों पर जमी धूल हटाना, फुटपाथों और सड़क के डिवाइडरों से कचरा साफ करना तथा निर्माण सामग्री को ढंककर रखना सुनिश्चित किया जाएगा.
डीएमआरसी के इंजीनियर निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों का निरीक्षण करेंगे. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि निर्माण सामग्री सही तरीके से ढकी हुई हो और साइट से निकलने वाले वाहनों के लिए व्हील-वॉशिंग की व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर रही हो.
दिल्ली मेट्रो ने बताया कि फिलहाल मेट्रो निर्माण कार्यों के लिए शहर की करीब 31 किलोमीटर सड़कें उसके अस्थायी अधिकार क्षेत्र में हैं. इनमें से अधिकांश सड़कों की मरम्मत की जा चुकी है, ताकि खराब सड़कें धूल प्रदूषण का कारण न बनें.
धूल नियंत्रण के लिए डीएमआरसी ने निर्माण स्थलों, मेट्रो स्टेशनों और कार्यालय परिसरों में 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट गन भी लगाई हैं. पर्यावरण मानकों के पालन की निगरानी के लिए डीएमआरसी का पर्यावरण विभाग रोजाना निरीक्षण कर रहा है.
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में Wednesday को वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद ग्रैप-1 लागू किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) Wednesday सुबह 238 दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार “खराब” श्रेणी में पहुंचा.
सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण के स्तर में अचानक वृद्धि ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. इसके मद्देनजर सड़क और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, वाहनों के उत्सर्जन तथा औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं.
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एएमटी/डीकेपी


