
गांधीनगर, 12 अक्टूबर . Gujarat Police ने Monday को बताया कि गांधीनगर नगर निगम (जीएमसी) चुनाव के प्रचार के दौरान एक Police इंस्पेक्टर के काम में बाधा डालने, पेथापुर Police स्टेशन के अंदर हंगामा करने और समुदायों के बीच तनाव भड़काने की कोशिश करने के आरोप में कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी और सात अन्य लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई है.
यह मामला Sunday रात को दर्ज किया गया, जिस दिन नगर निकाय चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी. पेथापुर Police स्टेशन के ऑफिसर (पीएसओ) के अनुसार, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
First Information Report के अनुसार, यह घटना 8 अक्टूबर को हुई थी. उस दिन वार्ड 4 से कांग्रेस उम्मीदवार यूनुस परमार को पूछताछ के लिए Police स्टेशन बुलाया गया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने और उनके साथियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रचारक को धमकी दी थी.
पेथापुर Police स्टेशन में तैनात Police इंस्पेक्टर ए.एम. देसाई की शिकायत में कहा गया है कि 8 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे पेथापुर के संजारी पार्क में परमार और उनके साथियों ने कथित तौर पर भाजपा प्रचारक भावेश भावसार को धमकी दी थी.
उन्होंने कथित तौर पर भावसार को उस इलाके में प्रचार न करने या न आने की चेतावनी दी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी.
First Information Report में कहा गया है कि इसके बाद परमार और अज्ञात साथियों के खिलाफ पेथापुर Police स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई.
देसाई का आरोप है कि जब वे अपनी ड्यूटी के तहत शिकायत के सिलसिले में परमार से पूछताछ कर रहे थे, तो मेवाणी और अन्य आरोपियों ने गैर-कानूनी भीड़ बनाई और Police स्टेशन में पूछताछ वाले कमरे में घुस गए.
आरोप है कि उन्होंने इंस्पेक्टर को ड्यूटी करने से रोका, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, हंगामा किया और जबरदस्ती परमार का बयान दर्ज होने से रोक दिया.
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में मेवाणी और अन्य आरोपी समर्थकों के साथ Police स्टेशन के बाहर बैठ गए और ठाकोर समुदाय का नाम लेकर नारे लगाए.
देसाई के अनुसार, उनकी इन हरकतों का मकसद लोगों को Police के खिलाफ भड़काना, Police बल को बदनाम करना, शांति भंग करना और समुदायों के बीच तनाव पैदा करना था.
First Information Report में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने घटना को मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया और अलग-अलग समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करने या उसे बढ़ावा देने के इरादे से social media पर फुटेज शेयर किया.
इसमें यह भी कहा गया है कि उनकी हरकतों ने गांधीनगर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा जारी नोटिफिकेशन का उल्लंघन किया. मेवाणी और सात अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189(2) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा, उन पर धारा 221, 351(2) और 352 भी लगाई गई हैं, जो Governmentी कर्मचारी को उसके काम में बाधा डालने, आपराधिक धमकी देने और शांति भंग करने के इरादे से जान-बूझकर अपमान करने से जुड़ी हैं.
Gujarat Police अधिनियम की धारा 135 भी लागू की गई है. यह मामला तब दर्ज किया गया जब Sunday को गांधीनगर नगर निगम के 11 वार्डों में मतदान हो रहा था.
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डीकेएम/पीएम