
गरियाबंद, 4 सितंबर . Prime Minister सूर्य घर योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बिजली खर्च में राहत के रूप में मिल रहा है. गरियाबंद जिले के अतरमरा गांव निवासी सुरेंद्र कुमार सेन ने अपने घर पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है. उनका कहना है कि सोलर पैनल लगने के बाद बिजली बिल में काफी कमी आई है और करीब तीन महीने में 700 से 800 यूनिट तक बिजली का उत्पादन हुआ है.
सुरेंद्र कुमार सेन की मानें तो उनके घर में सोलर पैनल लगाए हुए करीब तीन महीने हुए हैं. इस अवधि में बरसात के मौसम को शामिल करते हुए भी सोलर पैनल से लगभग 700 से 800 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ. पहले उनके घर का बिजली बिल सामान्य तौर पर 900 से 1,000 रुपए और कभी-कभी 1,100 रुपए तक पहुंच जाता था. सोलर पैनल लगने के बाद बिजली बिल में राहत मिलने का दावा करते हुए सेन ने कहा कि अब उनके द्वारा उत्पादित बिजली में से करीब 70 से 80 यूनिट बिजली ग्रिड को वापस जा रही है. बिजली बिल लगभग माइनस में पहुंच गया है.
सुरेंद्र कुमार सेन को पीएम सूर्य घर योजना के तहत कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी का लाभ मिलना है. इसमें 78 हजार रुपए केंद्र Government और 30 हजार रुपए राज्य Government की ओर से दिए जाने हैं. सेन का कहना है कि योजना के माध्यम से सोलर पैनल लगाने का खर्च कम हुआ और बिजली बिल में भी राहत मिली. उन्होंने बताया कि यह योजना विशेष रूप से आम और छोटे वर्ग के परिवारों के लिए उपयोगी है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी योजना का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है और इससे घरेलू बिजली खर्च को कम करने में मदद मिल रही है.
सेन ने कहा कि सोलर पैनल से जरूरत के मुताबिक बिजली मिलने के साथ अतिरिक्त उत्पादन होने पर बिजली ग्रिड को भी वापस दी जा रही है. करीब 70 से 80 यूनिट बिजली वापस जाने से बिजली बिल पर इसका सकारात्मक असर पड़ा है. उन्होंने Prime Minister सूर्य घर योजना को आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए केंद्र और राज्य Government का आभार जताया. सेन ने कहा कि छोटे और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह योजना बिजली बिल के खर्च से राहत देने वाली साबित हो रही है.
पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सौर ऊर्जा व्यवस्था को बढ़ावा देना है. सेन का अनुभव इस बात का उदाहरण है कि घरेलू स्तर पर सोलर पैनल लगाने से बिजली उत्पादन के साथ बिजली बिल में भी राहत मिल सकती है.
सेन ने कहा कि Prime Minister को इस योजना के लिए धन्यवाद देना चाहिए, क्योंकि इससे आम और छोटे वर्ग के लोगों को लाभ मिल रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक परिवार इस तरह की सौर ऊर्जा व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे.
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पीएसके/डीएससी