गढ़चिरौली हिंसा मामले में सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत पर सुनवाई टली, 14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

New Delhi, 1 सितंबर . साल 2016 में Maharashtra के गढ़चिरौली में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में गिरफ्तार वकील सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर Tuesday को Supreme Court में सुनवाई टल गई. अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी.

सुनवाई के दौरान सुरेंद्र गाडलिंग की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है.

कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि गढ़चिरौली हिंसा मामले में सुरेंद्र गाडलिंग पर आरोप था कि उन्होंने ट्रक को जला दिया. उन्होंने कहा कि ट्रक जलाने वाले दोनों लोगों को अब जमानत मिल चुकी है, जबकि सुरेंद्र गाडलिंग पिछले सात साल सात महीने से जेल में हैं.

पिछली सुनवाई के दौरान Supreme Court ने इस केस के ट्रायल में हो रही देरी पर चिंता जताई थी. कोर्ट ने कहा था कि वह बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से पता करेगा कि संबंधित एनआईए कोर्ट में कोई जज तैनात है या नहीं.

बता दें कि यह घटना दिसंबर 2016 की है. प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के एक बड़े हथियारबंद समूह ने एटापल्ली तहसील के सुरजागढ़ पहाड़ी इलाके पर हमला किया था.

माओवादियों ने वहां मौजूद लगभग 76 से 80 वाहनों और मशीनों, जैसे ट्रक, टिपर और जेसीबी को आग के हवाले कर दिया था. बताया जाता है कि माओवादी और कुछ स्थानीय संगठन इस क्षेत्र में हो रही कमर्शियल खनन गतिविधियों का कड़ा विरोध कर रहे थे.

सुरेंद्र गाडलिंग को इस मामले में जनवरी 2019 में गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले वे 2018 के चर्चित एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में भी सह-आरोपी के रूप में जेल में थे.

वीकेयू/एएस

Leave a Comment