
गढ़चिरौली, 26 सितंबर . छत्तीसगढ़ में हुई मूसलाधार बारिश का सीधा असर गढ़चिरौली जिले के दक्षिणी और अतिदुर्गम भामरागढ़ क्षेत्र में देखने को मिला. लगातार बारिश के चलते क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया और कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई. स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल बचाव एवं राहत कार्य शुरू करते हुए 525 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया. प्रशासन की यह कार्रवाई Friday दोपहर से शुरू होकर देर रात तक जारी रही.
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के मार्गदर्शन और तहसीलदार किशोर बागड़े के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया. प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान-माल की सुरक्षा रही. प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है.
बाढ़ के बीच एक बीमार छात्रा को अस्पताल पहुंचाना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया था. बिनागोंडा आश्रमशाला में पढ़ने वाली एक बीमार छात्रा को एनडीआरएफ की टीम की मदद से गुंडेनूर नाला पार कराया गया. इसके बाद छात्रा को सुरक्षित रूप से लाहेरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. बाढ़ के कारण रास्ते प्रभावित होने के बावजूद प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने छात्रा को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई.
लगातार बारिश के कारण भामरागढ़ क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी, हालांकि अब पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है, जिससे स्थिति में सुधार हो रहा है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से नदी-नालों और सखल इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
जिला प्रशासन ने नागरिकों से स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं और निर्देशों का पालन करने, नदी-नालों के किनारे जाने से बचने तथा पानी बह रहे रास्तों से यात्रा नहीं करने की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि जलस्तर कम होने के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक नागरिकों को सावधानी बरतना जरूरी है.
वहीं, बीजापुर में भी बारिश से बाढ़ के हालात हैं. जिला कलेक्टर विश्वदीप ने कहा, “पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है और अगले दो दिनों में भी और बारिश होने की संभावना है. अगर किसी कोई समस्या या परेशानी होती है तो जिला प्रशासन ने बाढ़ जैसी आपदाओं के लिए एक स्पेशल हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और हमारा कंट्रोल रूम पूरी तरह से सक्रिय है.”
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ओपी/वीसी