
सूरत, 28 अगस्त . नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए Gujarat के लोगों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है. सूरत के एक परिवार के तीन सदस्य, परेश पटेल, उनकी पत्नी ज्योति और बेटी मीनाक्षी, से संपर्क नहीं हो पा रहा है. वहीं, गांधीनगर से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए अमिता अमीन, तेजल और जितेंद्र पटेल के परिजन भी उनकी जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. परिवारों ने Government से जल्द से जल्द अपने परिजनों की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने और सुरक्षित वापस लाने में मदद की अपील की है.
लापता परेश पटेल की मां सुशीला पटेल ने बताया कि उनका बेटा परेश, बहू ज्योति और बेटी मीनाक्षी 23 अगस्त को नेपाल गए थे. उनका कार्यक्रम 25 अगस्त को कैलाश मानसरोवर की ओर रवाना होने का था. परिवार से आखिरी बार उस समय बात हुई थी जब उन्होंने बताया था कि उनका इमिग्रेशन हो गया है और अब वे आगे की यात्रा के लिए निकल रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि आगे संपर्क नहीं हो पाएगा. इसके बाद नेपाल में आपदा की खबर सामने आने पर परिवार ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस सूचना नहीं मिल सकी.
सुशीला पटेल ने बताया कि परेश अमेरिका के फ्लोरिडा में रहते हैं और कंप्यूटर इंजीनियर के तौर पर काम करते हैं. उनकी बहू ज्योति घर पर रहती हैं, जबकि बेटी मीनाक्षी डॉक्टर हैं. उन्होंने Government से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके बेटे, बहू और बेटी के सुरक्षित होने की जानकारी जल्द से जल्द परिवार को दी जाए.
परेश और मीनाक्षी के मामा सुरेशभाई पटेल ने बताया कि Mumbai में बातचीत के बाद उन्हें नेपाल से फोन आया था. परेश ने बताया था कि उनका इमिग्रेशन पूरा हो गया है और वे अब ऊपर की ओर जा रहे हैं, इसलिए आगे संपर्क नहीं हो पाएगा. सुरेशभाई ने बताया कि इसके बाद लगातार फोन करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन संपर्क नहीं हो रहा है. उन्होंने मीनाक्षी के पति का भी जिक्र किया, जो उनके मुताबिक वहां जाने की योजना बना रहे थे. हालांकि, हालात को देखते हुए उन्होंने उन्हें फिलहाल वहां नहीं जाने की सलाह दी.
सुरेशभाई की मानें तो उनके रिश्तेदार ने पहले केदारनाथ की यात्रा के दौरान प्रशासनिक स्तर पर आई परेशानियों का अनुभव किया था. इसी कारण उन्होंने इस समय यात्रा टालने की सलाह दी.
गांधीनगर में कौशिक अमीन ने बताया कि उनके परिवार से जुड़े लोग 22 अगस्त को अमेरिका से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए निकले थे. इनमें उनकी दादी अमिता अमीन के अलावा तेजल और जितेंद्र पटेल शामिल हैं. 25 अगस्त को आई आपदा के बाद से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है. कौशिक ने बताया कि आपदा से करीब एक घंटे पहले परिवार से बातचीत हुई थी. उस समय उन्होंने बताया था कि वे फ्रेंडशिप ब्रिज पर हैं और कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए आगे बढ़ने वाले हैं. इसके करीब एक घंटे बाद आपदा की जानकारी सामने आई और उसके बाद संपर्क टूट गया.
उन्होंने बताया कि Gujarat Government द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर पर परिवार ने पूरी जानकारी साझा की है. इसके बाद गांधीनगर कलेक्टर की ओर से भी परिवार से संपर्क किया गया और उपलब्ध जानकारी प्रशासन को दी गई. Gujarat Government की ओर से परिवार को लगातार सहयोग मिल रहा है. उन्होंने बताया कि परिवार ने अलग-अलग जगहों पर संपर्क करने के बजाय फिलहाल एक ही Governmentी माध्यम से समन्वय बनाए रखा है, ताकि जानकारी में किसी तरह की उलझन या दोहराव न हो.
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी आंटी पहले सात बार कैलाश मानसरोवर यात्रा कर चुकी हैं और यह उनकी आठवीं यात्रा थी. परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन के प्रयासों से जल्द ही उनके परिजनों की स्थिति के बारे में जानकारी मिल सकेगी और उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सकेगा.
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पीएसके