केतन अग्रवाल हत्याकांडः मौत के पुराने केस की जानकारी जुटाकर रची गई थी साजिश, चार्जशीट में खुलासा

पुणे, 2 अक्टूबर . Maharashtra के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में Police ने कई राज खोले हैं. केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हत्या को दुर्घटना का रूप देने की कथित साजिश में 2025 में वहां हुई एक युवती की मौत की जानकारी का इस्तेमाल किया गया था. पुणे ग्रामीण Police की ओर से वडगांव मावल अदालत में दाखिल चार्जशीट में यह दावा किया गया है.

Police के मुताबिक, केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने लोहगढ़ में हुई 21 वर्षीय मानसी गोविंदपुरकर की मौत से जुड़ी ऑनलाइन जानकारी खंगाली थी. दोनों ने कथित तौर पर अग्रवाल को किले से धक्का देकर उसकी मौत को हादसा दिखाने की योजना बनाई.

केतन अग्रवाल (26) की 18 जून को मौत हुई थी. शुरुआत में इसे किले से गिरने का हादसा माना गया था, लेकिन जांच में Police ने दावा किया कि उसे धक्का दिया गया था. Police की ओर से कोर्ट में दाखिल 5,053 पन्नों की चार्जशीट में गोयल चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है. इसमें मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, social media सामग्री, संदेश, तस्वीरें, गवाहों के बयान और तकनीकी विश्लेषण से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं.

चार्जशीट के अनुसार, सिया गोयल केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी. दोनों की 19 फरवरी को सगाई हुई थी. Police का आरोप है कि इसके बाद गोयल ने चौधरी और हांगे के साथ मिलकर अग्रवाल की हत्या और उसे दुर्घटना का रूप देने की साजिश रची.

जांच के मुताबिक, गोयल और चौधरी ने गूगल, यूट्यूब और social media पर मौत, ट्रैकिंग हादसों और सबूत मिटाने से जुड़ी जानकारी खोजी. Police ने दावा किया कि उनकी सर्च में ‘लोहागढ़ किला’, ‘किसी को मारने का आसान तरीका’, ‘सोनम केस’, ‘गूगल अकाउंट कैसे डिलीट करें’ और ‘ट्रेकिंग की घटना’ जैसे शब्द शामिल थे. उन्होंने मेघालय के राजा रघुवंशी हनीमून हत्या मामले की जानकारी भी खोजी थी.

चार्जशीट में मानसी गोविंदपुरकर की मौत को साजिश से जोड़ते हुए कहा गया है कि सिया को फेसबुक पर उसकी मौत की जानकारी मिली थी. मानसी 18 मार्च 2025 को घर से निकलने के बाद लापता हुई थी और उसका शव दो दिन बाद लोहगढ़ की तलहटी में मिला था.

Police के अनुसार, मानसी की मौत की जानकारी मिलने के बाद सिया और चौधरी ने लोहगढ़ को लेकर चर्चा की और कथित तौर पर तय किया कि अग्रवाल को वहां से धक्का दिया जा सकता है, जिससे उसकी मौत हादसा लगे. जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने लोहगढ़ और लोनावला क्षेत्र में ऊंचाई से गिरने की घटनाओं तथा ट्रैकिंग हादसों के बारे में भी जानकारी जुटाई. बरामद डिजिटल सामग्री को चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है. चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि अग्रवाल की हत्या के लिए आरोपियों ने पहले कॉन्ट्रैक्ट किलर की व्यवस्था करने की कोशिश की थी. बाद में कथित तौर पर उन्होंने खुद हत्या को अंजाम देने का फैसला किया.

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ओपी/एएस

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