
Patna, 3 सितंबर . Union Minister और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएम) के संरक्षक जीतनराम मांझी की तबीयत फिर बिगड़ने के बाद Thursday को आगे के इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाया गया.
बिहार के पूर्व Chief Minister मांझी को हाल ही में तबीयत खराब होने के बाद Patna के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
हालांकि, उनकी हालत में सुधार हुआ और उन्हें Wednesday को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. खबरों के अनुसार, Wednesday देर रात उन्हें फिर से बुखार आ गया.
चिकित्सकीय सलाह के बाद आगे की जांच और उपचार के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया गया. परिवार के सदस्य यात्रा के दौरान उनके साथ थे.
Union Minister मांझी के दिल्ली में कई मेडिकल टेस्ट होने की उम्मीद है. उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के दोबारा उभरने का सटीक कारण अभी तक सामने नहीं आया है.
उनके परिवार के सदस्य और पार्टी के नेता परीक्षणों के परिणामों और डॉक्टरों से मिलने वाली आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. मांझी के स्वास्थ्य की खबर से बिहार के Political नेताओं और समर्थकों में चिंता पैदा हो गई है.
मांझी हाल के हफ्तों में Political रूप से सक्रिय रहे हैं. विशेष रूप से आरक्षण के मुद्दे और अनुसूचित जाति कोटा के भीतर उप-वर्गीकरण की मांग को लेकर. उनके इस रुख के कारण Union Minister चिराग पासवान के साथ सार्वजनिक तौर पर विचारों का आदान-प्रदान भी हुआ है.
जहां चिराग पासवान ने मौजूदा आरक्षण प्रणाली की किसी भी समीक्षा का विरोध किया है. वहीं, मांझी और एचएएम ने आरक्षण के लाभ उन समुदायों तक पहुंचने को सुनिश्चित करने के लिए उप-वर्गीकरण का समर्थन किया है, जिन्हें सबसे वंचित माना जाता है.
मांझी ने 2024 के Supreme Court के फैसले का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि राज्य संवैधानिक आवश्यकताओं के अधीन रहते हुए अनुसूचित जाति कोटा के भीतर उप-वर्गीकरण कर सकते हैं.
उन्होंने तर्क दिया है कि यह फैसला राज्यों को यह जांच करने का आधार प्रदान करता है कि क्या आरक्षण का लाभ अनुसूचित जाति समुदाय के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंच रहा है.
उन्होंने यह भी तर्क दिया है कि कुछ समुदायों को ऐतिहासिक रूप से आरक्षण लाभों का असमान हिस्सा प्राप्त हुआ है जबकि आर्थिक और शैक्षिक रूप से वंचित समूह कम प्रतिनिधित्व वाले रहे हैं.
पंजाब का उदाहरण देते हुए मांझी ने दावा किया है कि उप-वर्गीकरण के परिणामस्वरूप विभिन्न समुदायों के बीच आरक्षण लाभों का पुनर्वितरण हुआ है.
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एसएचके/पीएम