
New Delhi, 2 अक्टूबर . केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Friday को कहा कि केंद्र Government राज्यों के साथ मिलकर कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में समर्थन बढ़ा रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर मजबूत हों और किसानों की आय में वृद्धि हो सके.
आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों और विभिन्न जिलों में पशु चिकित्सकों की तैनाती जैसी पहलें डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत बना रही हैं. इससे किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए आय के नए स्रोत तैयार हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य Governmentों के संयुक्त प्रयासों से कृषि क्षेत्र में सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है. उन्होंने कहा कि डेयरी और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में बढ़ता निवेश किसानों की आय विविधीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र और आंध्र प्रदेश Government रायलसीमा को ‘रत्नाला सीमा’ यानी समृद्धि की भूमि में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में एनडीए को मिले जनादेश ने विकास से जुड़े बड़े लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में नई ऊर्जा दी है.
सीतारमण ने बताया कि आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के 10 जिलों, जिनमें रायलसीमा के आठ जिले और दो पड़ोसी जिले शामिल हैं, को कवर करने वाली 1 लाख करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना की है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र को विश्वस्तरीय ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित करना है.
उन्होंने कहा कि इस पहल को Prime Minister Narendra Modi के समर्थन के साथ-साथ विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और अन्य बहुपक्षीय संस्थानों का सहयोग प्राप्त होगा. परियोजना के तहत आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा, जल उपयोग दक्षता में सुधार किया जाएगा और कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
वित्त मंत्री ने जल संरक्षण को कृषि विकास की प्रमुख आवश्यकता बताते हुए कहा कि Government विशेष रूप से जल संकट वाले क्षेत्रों में हर बूंद पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर काम कर रही है. इसके लिए आधुनिक कृषि पद्धतियों और तकनीकी हस्तक्षेपों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए वैज्ञानिक रूप से विकसित नई बीज किस्मों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो अत्यधिक गर्मी और सूखे जैसी परिस्थितियों को सहन करने में सक्षम हैं. इससे कृषि को अधिक जलवायु-लचीला बनाने में मदद मिलेगी.
सीतारमण ने केंद्र Government की कई किसान-केंद्रित योजनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि गोबरधन योजना के तहत ग्रामीण अपशिष्ट को स्वच्छ बायोगैस में परिवर्तित किया जा रहा है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और अतिरिक्त आय दोनों के अवसर पैदा हो रहे हैं.
उन्होंने बताया कि पीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा आधारित पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भरोसेमंद और कम लागत वाली बिजली मिल रही है.
फसलों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य जोखिमों से सुरक्षित रखने के लिए Prime Minister फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को मजबूत बीमा सुरक्षा प्रदान कर रही है और कृषि जोखिमों को कम करने में मदद कर रही है.
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र Government का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन, जल संरक्षण, तकनीक आधारित खेती और कृषि क्षेत्र को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है. उन्होंने बताया कि कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों में समन्वित विकास से ग्रामीण India की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी.
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