
Bengaluru, 31 अगस्त . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Monday को Union Minister एचडी कुमारस्वामी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कांग्रेस के खिलाफ नहीं, बल्कि भाजपा को खत्म करने की लड़ाई लड़ रहे हैं.
Bengaluru के नेहरू प्लैनेटेरियम के पास मीडिया से बातचीत के दौरान शिवकुमार ने यह टिप्पणी की. उनसे कुमारस्वामी द्वारा राज्य Government पर कथित केपीएससी भर्ती घोटाले में शामिल होने के आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया था.
Chief Minister ने कहा, “कुमारस्वामी हमारे खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं. वह भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं. उन्हें अपना काम करने दीजिए. उन्हें जो आरोप लगाने हैं, लगाने दीजिए.”
कुमारस्वामी के उस दावे पर कि वह ऐसे दस्तावेज जारी करेंगे जिससे Political हलचल मच जाएगी, शिवकुमार ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बहुत खुशी की बात है.”
भाजपा की प्रस्तावित पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए Chief Minister ने कहा कि पार्टी को पदयात्रा करने की पूरी स्वतंत्रता है और कांग्रेस भी बाद में अपना कार्यक्रम घोषित करेगी.
उन्होंने कहा, “उन्हें पदयात्रा करने दीजिए. उसके बाद मैं आपको बताऊंगा कि हमारी यात्रा क्या होगी. क्या हम राजनेता नहीं हैं? हमने उन्हें सम्मान देते हुए विधानसभा सत्र चलाया, लेकिन उन्होंने किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं की.”
शिवकुमार ने कहा कि Government अब पश्चिमी घाटों से संबंधित के. कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहती है तथा इस संबंध में विधायकों की राय भी ली जाएगी.
कथित केपीएससी भर्ती घोटाले में भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी के सवाल पर Chief Minister ने कहा कि वह जांच में हस्तक्षेप नहीं करेंगे.
उन्होंने कहा, “मैं जांच में दखल नहीं दूंगा. मैं केवल जानकारी प्राप्त करूंगा. भाजपा के भीतर आंतरिक संघर्ष चल रहा है. केपीएससी सदस्यों की नियुक्ति किसने की थी? पूरी रिपोर्ट आने तक मैं पूरी जानकारी नहीं बता सकता. उन्हें जो कहना है कहने दीजिए, समय उनका जवाब देगा.”
इस दौरान शिवकुमार ने Government की प्रस्तावित छठी गारंटी योजना ‘लैंड गारंटी’ पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल Bengaluru तक सीमित नहीं होगी.
Chief Minister ने कहा, “लैंड गारंटी केवल Bengaluru के लिए नहीं है. यह उन सभी लोगों पर लागू होगी जिन्होंने Government के लिए अपनी जमीन या संपत्ति दी है. उनके नाम स्थायी रूप से दर्ज किए जाने चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए.”
उन्होंने कहा कि Government लाभार्थियों को फोटो और अन्य आवश्यक विवरणों वाले कानूनी रूप से वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है.
शिवकुमार ने स्पष्ट किया, “दस्तावेज पूरी तरह कानूनी रूप से वैध होने चाहिए. बी-खाता को ए-खाता में बदलने की प्रक्रिया भी कानूनी तरीके से होनी चाहिए. फर्जी पंजीकरण की अनुमति नहीं दी जाएगी.”
उन्होंने कहा कि कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज मिलने से लोगों को भविष्य में संपत्ति हस्तांतरण, ऋण लेने या पारिवारिक बंटवारे जैसी प्रक्रियाओं में सुविधा होगी और उनके संपत्ति अधिकार सुरक्षित रहेंगे.
Chief Minister ने बताया कि इस पहल की शुरुआत सिद्दारमैया Government के पिछले कार्यकाल में उस समय हुई थी, जब कृष्णा बायरे गौड़ा राजस्व मंत्री थे. वर्तमान Government अब उसी पहल को आगे बढ़ा रही है.
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एएमटी/डीकेपी