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Monday, 26 October 2026
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किम जोंग उन नया पुल पार कर पहुंचे चीन, प्रधानमंत्री छियांग से मुलाकात की खबर

किम जोंग उन नया पुल पार कर पहुंचे चीन, Prime Minister छियांग से मुलाकात की खबर

सोल, 24 अक्टूबर . उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन Saturday को चीन के सीमावर्ती शहर डांडोंग पहुंचे. दक्षिण कोरिया के अनुसार, किम ने चीन और उत्तर कोरिया को जोड़ने वाले नए यालू नदी पुल को पार कर पड़ोसी देश में प्रवेश किया. एक साल से अधिक समय बाद किम का यह पहला ज्ञात विदेश दौरा है.

दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, किम ने उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से ट्रेन के जरिए सिनुइजू तक यात्रा की और वहां से नए अमनोक नदी पुल को पार करके चीन के लियाओनिंग प्रांत के डांडोंग शहर पहुंचे. चीन में इसी नदी को यालू नदी कहा जाता है.

सूत्र के हवाले से तैयार रिपोर्ट में बताया गया कि चीन के Prime Minister ली छियांग भी डांडोंग पहुंचे और कथित तौर पर उन्होंने किम का स्वागत किया. हालांकि, Saturday शाम तक न तो उत्तर कोरिया और न ही चीन ने किम के दौरे की आधिकारिक पुष्टि की थी. यह भी स्पष्ट नहीं था कि किम चीन में कितनी देर रुकेंगे. दक्षिण कोरियाई सूत्रों के अनुसार, उनके Saturday को ही उत्तर कोरिया लौटने की संभावना थी.

चीन 25 अक्टूबर को 1950-53 के कोरियाई युद्ध में अपनी सेना की भागीदारी की वर्षगांठ मनाने जा रहा है. चीन ने उत्तर कोरिया की ओर से युद्ध में हस्तक्षेप करते हुए अमेरिकी नेतृत्व वाली संयुक्त राष्ट्र सेना के खिलाफ अपनी सेना भेजी थी. इस युद्ध का अंत 1953 में युद्धविराम के साथ हुआ था, लेकिन कोरियाई प्रायद्वीप में औपचारिक शांति समझौता अब तक नहीं हुआ है.

नए पुल का खुलना भी दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लगभग तीन किलोमीटर लंबा और चार लेन वाला नया यालू नदी पुल 15 अक्टूबर को खोला गया था. चीन ने इसका निर्माण 2014 में ही पूरा कर लिया था, लेकिन उत्तर कोरिया की ओर संपर्क सड़क और सीमा शुल्क संबंधी सुविधाओं का काम पूरा नहीं होने के कारण इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो पाया था.

यह पुल चीन के डांडोंग और उत्तर कोरिया के सिनुइजू को जोड़ता है. इससे दोनों देशों के बीच माल परिवहन, व्यापार और सीमा पार संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. नया पुल पुराने चीन-उत्तर कोरिया मैत्री पुल पर दबाव कम करने में भी मदद कर सकता है.

चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और प्रमुख आर्थिक सहयोगी रहा है. उत्तर कोरिया के बाहरी व्यापार का बड़ा हिस्सा चीन पर निर्भर है. ऐसे में नए पुल से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां व्यापार विस्तार की गति को प्रभावित कर सकती हैं.

किम का चीन दौरा बीजिंग और प्योंगयांग के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के बीच हुआ है. पिछले कुछ वर्षों में उत्तर कोरिया ने रूस के साथ भी अपने सैन्य और आर्थिक संबंधों को व्यापक बनाया है. यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के साथ उत्तर कोरिया का सहयोग बढ़ा है. इसके साथ ही, चीन के साथ पारंपरिक संबंधों को फिर से मजबूत करने की कोशिशें भी जारी हैं.

किम ने इससे पहले सितंबर 2025 में चीन का दौरा किया था. उस समय उन्होंने बीजिंग में सैन्य परेड में भाग लिया था, जिसमें चीन के President शी जिनपिंग और रूस के President व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद थे. इस बार का दौरा चीन की ओर से नए पुल के उद्घाटन के बाद हुआ है और इसे दोनों देशों के बीच संपर्क तथा सहयोग बढ़ाने के संदर्भ में देखा जा रहा है.

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केआर/

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