कार में चरस के साथ पकड़े गए तीन ड्रग तस्करों को एनसीबी ने 10-10 साल की सजा दिलाई

New Delhi, 26 अक्टूबर . नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने तीन ड्रग तस्करों को दोषी ठहराए जाने में सफलता हासिल की है. इन तस्करों को एक कार के स्पीकर सिस्टम में छिपाकर 3.65 किलोग्राम चरस ले जाते हुए पकड़ा गया था.
पंजाब के रूपनगर में एक विशेष अदालत ने तीनों आरोपियों में से प्रत्येक को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और हर दोषी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. दोषियों की पहचान कुलदीप सिंह (उर्फ गोलू) और संजीव कुमार (उर्फ मिठू) और अशोक कुमार के रूप में हुई.
एनसीबी के अनुसार, एक विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर चंडीगढ़ जोनल यूनिट की एक टीम ने 1 जुलाई 2021 को रूपनगर जिले के मोरिंडा में सरहिंद-पटियाला रोड पर निगरानी रखी.
खुफिया जानकारी में बताए गए विवरण से मेल खाती एक कार को रोका गया. तलाशी के दौरान अधिकारियों को गाड़ी की डिक्की में लगे एक स्पीकर के अंदर छिपाई गई चरस के सात पैकेट मिले, जो गोल और उंगली के आकार के थे. जब्त किए गए नशीले पदार्थ का वजन 3.65 किलोग्राम था, जो ‘नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985’ के तहत ‘व्यावसायिक मात्रा’ (कमर्शियल क्वांटिटी) की श्रेणी में आता है. गाड़ी में सवार तीनों लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया.
इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश लखविंदर कौर दुग्गल की अध्यक्षता वाली विशेष अदालत ने माना कि एनडीपीएस एक्ट के अनिवार्य प्रावधानों का पूरी तरह से पालन किया गया था. 21 अक्टूबर को दिए गए अपने फैसले में अदालत ने तीनों आरोपियों को इस एक्ट की धारा 20(सी) और धारा 29 (धारा 20 के साथ पठित) के तहत दोषी ठहराया था.
22 अक्टूबर को सजा सुनाते समय अदालत ने Supreme Court की उन टिप्पणियों का हवाला दिया, जिनमें नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों के समाज पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को रेखांकित किया गया है. प्रत्येक दोषियों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. यदि कोई दोषी जुर्माना नहीं भर पाता है तो उसे 2 साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा.
अदालत ने नशीले पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्देश दिया. एनसीबी ने Government के ‘नशा मुक्त भारत’ के विजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और आम जनता से अपील की कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी की जानकारी ‘मानस’ नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दें. जानकारी देने वालों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी.
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