
Mumbai , 9 अक्टूबर . कांग्रेस नेता एवं Maharashtra विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने राहुल गांधी पर लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगाने को लेकर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है और देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है. इसके अलावा, उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ जारी प्रदर्शनों पर 42 पूर्व न्यायाधीशों की चिंता, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी के प्रदर्शन, स्टारलिंक की India में एंट्री से जुड़ा मामला, जेवर एयरपोर्ट के नामकरण और Maharashtra में एमपीएसी के छात्रों के आंदोलन पर भी उन्होंने अपनी बात रखी.
भाई जगताप ने भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी के उस आरोप पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें राहुल गांधी पर लोकतंत्र को कमजोर करने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि संविधान ने नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार दिया है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश में लोकतंत्र सही तरीके से काम कर रहा है, तो 2014 के बाद इस तरह के सवाल क्यों उठ रहे हैं. यह केवल कांग्रेस कार्यकर्ता का सवाल नहीं, बल्कि एक आम नागरिक की चिंता है. संविधान के प्रावधानों और संस्थाओं की भूमिका पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए.
भाई जगताप ने 2023 में बनाए गए उस कानून का भी जिक्र किया, जिसके तहत उनके अनुसार मुख्य न्यायाधीश और मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण दिया गया. उन्होंने कहा कि क्या कोई व्यक्ति या संस्था संविधान से ऊपर हो सकती है. लोकतंत्र की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है और social media पर होने वाली टिप्पणियों से कांग्रेस अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटेगी.
चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर 42 पूर्व न्यायाधीशों की ओर से चिंता जताए जाने के मुद्दे पर भाई जगताप ने कहा कि उन्हें इस बात पर आश्चर्य है कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था के भीतर होने वाले विरोध को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. देश की न्यायपालिका ने कई मौकों पर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए हस्तक्षेप किया है. यदि संस्थाओं पर जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है, तो उसके कारणों पर भी विचार होना चाहिए.
कांग्रेस नेता ने संसद में 142 सांसदों के निलंबन के बाद पारित 2023 के कानून का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या उस प्रक्रिया और कानून की संवैधानिकता पर पर्याप्त चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है.
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं की भागीदारी और राहुल गांधी के समर्थन के सवाल पर भाई जगताप ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए देश में कई संगठन आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने युवाओं, विशेषकर जेनजी की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने का अधिकार है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में कांग्रेस के नेताओं की भागीदारी को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस संबंध में फैसला लेगा. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो भी संगठन आंदोलन करेगा, कांग्रेस उसके उद्देश्य का समर्थन करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आंदोलनों का Politicalरण नहीं होना चाहिए.
स्टारलिंक की India में एंट्री से जुड़े मुद्दे पर राहुल गांधी के आरोपों और भाजपा की प्रतिक्रिया के बारे में भाई जगताप ने कहा कि किसी भी नई तकनीक का स्वागत किया जाना चाहिए, बशर्ते उससे देश को लाभ मिले. देश में कानून किसी एक Political दल के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए बनाए जाते हैं. विदेशी कंपनियों और बहुराष्ट्रीय उद्योगों के India में आने के लिए निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है. यदि किसी उन्नत तकनीक से India को फायदा होता है और देश की प्रगति को गति मिलती है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए. राहुल गांधी की बात को इसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए और तकनीक के मुद्दे पर Political बयानबाजी के बजाय देश के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए.
जेवर एयरपोर्ट का नाम Prime Minister Narendra Modi के नाम पर रखने के फैसले पर भाई जगताप ने कहा कि उन्हें इस तरह के नामकरण पर कोई आपत्ति नहीं है. हालांकि, उन्होंने नामकरण के तरीके को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने Gujarat के Narendra Modi स्टेडियम का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले से मौजूद सरदार पटेल के नाम वाले स्टेडियम का नाम बदलकर Prime Minister के नाम पर रखा गया. उन्होंने सुझाव दिया कि किसी बड़े राष्ट्रीय नेता के नाम पर नामकरण करने के लिए नई परियोजना या नया निर्माण भी किया जा सकता है.
भाई जगताप ने कहा कि Prime Minister, President या अन्य राष्ट्रीय नेताओं के नाम पर किसी नए निर्माण का नाम रखना गलत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य Government ने जेवर एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर कोई फैसला लिया है, तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए.
Maharashtra में पुणे के एमपीएससी छात्रों के आंदोलन पर भाई जगताप ने कहा कि विद्यार्थी पिछले आठ दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे और कांग्रेस के कई नेता भी उनके आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं. जगताप ने आरोप लगाया कि एमपीएससी परीक्षा के पेपर लीक मामले में कुछ लोगों ने कथित तौर पर 60 से 70 लाख रुपए देकर पेपर हासिल किए और इसके जरिए नौकरियां प्राप्त कीं. इस मामले से जुड़े सबूत सीआईडी को दिए गए हैं और जांच के दौरान कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है.
उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्था में उसके प्रमुख के कार्यकाल के दौरान इस तरह की गड़बड़ी हुई है, तो उस संस्था के अध्यक्ष को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए. छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर उचित निर्णय नहीं होता, तब तक विद्यार्थी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.
–
पीएसके