
रांची, 12 अक्टूबर . भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने सीजेआई के ‘इंडिया’ ब्लॉक की मीटिंग रिक्वेस्ट को मना करने, Supreme Court तक मार्च करने समेत कई मामलों पर प्रतिक्रिया दी.
से बातचीत करते हुए प्रतुल शाहदेव ने कहा, “देश के इतिहास में पहली बार कोई पार्टी Supreme Court का घेराव करने जा रही है. ‘मार्च’ तो बस एक लेबल है; अगर यह सच में सिर्फ एक मार्च था, तो वे देश भर से कांग्रेस के विधायक, सांसद, वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ राज्य और राष्ट्रीय पदाधिकारियों को क्यों बुला रहे हैं? वे दिल्ली की सड़कों पर अराजकता फैलाना चाहते हैं और अब वे हमारी महान संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “पहले कांग्रेस ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर का घेराव किया और President को मेमोरेंडम दिया; चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ प्रोटेस्ट के दौरान वे आकाशवाणी का भी घेराव करने चले गए, जैसे वे ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन पर कब्जा करना चाहते हों. हमारी मांग है कि जो लोग Supreme Court तक मार्च करने की कोशिश कर रहे हैं, उन पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए.”
प्रतुल शाहदेव ने कहा, “सामान्य तौर पर सीजेआई किसी Political दल के प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलते. सीजेआई की ओर से बिल्कुल सही कहा गया है कि अगर उनकी कोई गिला-शिकवा या शिकायत है तो याचिका डालें और उस पर सुनवाई होगी. पहले ही याचिका पर सुनवाई चल रही है. न्यायालय में विचाराधीन एक मामले को लेकर प्रेशर बनाने के लिए Supreme Court का घेराव करने जा रहे हैं. मेरा मानना है कि न्यायालय की अवमानना का इनके खिलाफ मुकदमा चलाना चाहिए. किसी भी राजनैतिक दल की ओर से ऐसा आज तक नहीं किया गया.”
सीजेपी नेताओं की रिहाई पर भाजपा नेता विनुशा रेड्डी ने कहा, “सीजेपी नेताओं को शांति बॉन्ड पर साइन करने के बाद बेल दी गई. इन तीनों नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका ने कथित तौर पर एक अंडरटेकिंग पर साइन किया है जिसमें कहा गया है कि वे एक साल तक शांति भंग करने वाली किसी भी एक्टिविटी में शामिल नहीं होंगे.”
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एसडी/पीएम