Skip to content
Tuesday, 20 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राजनीति,राष्ट्रीय

कांग्रेस के भीतर बगावत के कारण मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कुर्सी खतरे में है: विजयेंद्र

कांग्रेस के भीतर बगावत के कारण Chief Minister  डीके शिवकुमार की कुर्सी खतरे में है: विजयेंद्र

Bengaluru, 20 अक्टूबर . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने Tuesday को आरोप लगाया कि सत्ताधारी कांग्रेस के भीतर बगावत के कारण Chief Minister डीके शिवकुमार की कुर्सी खतरे में है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हताशा में आकर शिवकुमार बार-बार केंद्र पर दोष मढ़ रहे हैं.

गन्ने के किसानों के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की राज्य Government की कोशिशों में भाजपा सहयोग नहीं कर रही है. शिवकुमार के इस बयान पर विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के कारण Chief Minister की कुर्सी डगमगा रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि आप स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी घटनाओं को देख ही रहे हैं. कांग्रेस नेता सीएम शिवकुमार के खिलाफ बगावत कर रहे हैं. इसी पृष्ठभूमि में वे हताशा में बार-बार केंद्र के खिलाफ शिकायतें कर रहे हैं. दिल्ली जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने के प्रस्ताव पर भाजपा कोई भी फैसला लेने से पहले विपक्ष के नेताओं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करेगी.

उन्होंने कहा कि हम विपक्ष के नेताओं और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकर चर्चा करेंगे कि गन्ने के किसानों के मुद्दे पर दिल्ली जाने वाले सत्ताधारी दल के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होना है या नहीं.

भाजपा का रुख स्पष्ट करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि Government के कार्यकाल के बचे हुए डेढ़ साल तक पार्टी विपक्ष में ही रहेगी, और कांग्रेस Government को अस्थिर करने का उसका कोई इरादा नहीं है.

उन्होंने दावा किया कि जनता के जनादेश के अनुसार भाजपा विपक्ष में है. हम अगले डेढ़ साल तक विपक्ष में ही रहेंगे. हमें कांग्रेस Government को अस्थिर करने या गिराने की कोई जरूरत नहीं है. सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेता ही सीएम शिवकुमार के खिलाफ बगावत करने की तैयारी कर रहे हैं. मैं जो कह रहा हूं, वह सच है.

किसानों की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए विजयेंद्र ने कहा कि पूरे कर्नाटक और देश भर में किसान समुदाय भारी संकट का सामना कर रहा है. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे किसानों की मदद करें. जब से कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में आई है, किसान गहरी मुसीबत में हैं. राज्य की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है और लोग कांग्रेस Government से तंग आ चुके हैं.

Bengaluru और उसके आसपास की सड़कों की हालत की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि Government के प्रति लोगों की नाराजगी बढ़ रही है. उन्होंने राज्य Government पर विकास कार्यों, सूखे के प्रबंधन और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया.

उन्होंने आरोप लगाया कि साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी विकास की गति नहीं पकड़ी है. आज, दिव्यांग लोग अपनी पेंशन की मांग को लेकर सड़कों पर हैं. Government अपनी प्राथमिकताओं को भूल गई है और कुछ भी सोचने या करने में असमर्थ है.

विजयेंद्र ने राज्य Government पर यह भी आरोप लगाया कि वह लोगों की समस्याओं को हल करने के बजाय केवल केंद्र Government को पत्र लिखती है, उन पर दोष मढ़ती है और फिर खुद कोई कदम नहीं उठाती.

उन्होंने परिसीमन का मुद्दा उठाने के लिए कांग्रेस Government की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि जब केंद्र Government इस मामले की जांच कर रही है, तब कांग्रेस लोगों के बीच बेवजह भ्रम पैदा कर रही है.

सूखा प्रबंधन पर उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य Government प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत देने में विफल रही है.

गन्ना किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व वाली एनडीए Government ने गन्ना किसानों और चीनी उद्योग की मदद के लिए कई कदम उठाए हैं.

उन्होंने बताया कि केंद्र Government ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू किया, इथेनॉल उत्पादन के अवसर पैदा किए और चीनी उद्योग में ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्यवर्धन) को बढ़ावा देने वाली नीतियां बनाईं. उन्होंने इस क्षेत्र को दी गई वित्तीय सहायता का भी जिक्र किया और दावा किया कि ये सभी कदम एनडीए Government द्वारा उठाए गए हैं.

विजयेंद्र ने कहा कि गन्ना किसानों का मौजूदा आंदोलन मुख्य रूप से चीनी मिलों में उनकी उपज तौलने में कथित गड़बड़ी और ‘शुगर रिकवरी रेट’ (चीनी प्राप्ति दर) के आकलन में हुए अन्याय को लेकर है.

उन्होंने बताया कि Union Minister प्रह्लाद जोशी ने Union Minister शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक की है और इस मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस समिति की टीम कर्नाटक का दौरा कर रही है.

उन्होंने कहा कि केंद्र Government संभावित समाधानों पर विचार कर रही है, क्योंकि यह मुद्दा केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है. इसमें पूरे देश के किसानों के हितों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है.

–

डीकेएम/डीकेपी

Share