कर्नाटक स्टिंग मामले में सियासी भूचाल, विपक्ष के नेता ने सीएम से हनी ट्रैप के दावों पर मांगा जवाब

Bengaluru, 8 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने Thursday को मांग की कि Chief Minister डी.के. शिवकुमार ‘हनी ट्रैप’ की उन कोशिशों का विवरण सार्वजनिक करें, उन्होंने जिनका जिक्र किया है और इस मामले की औपचारिक जांच सुनिश्चित करें.

आर. अशोक का यह बयान तब आया, जब डी.के. शिवकुमार ने दावा किया कि Chief Minister बनने के बाद उन्हें एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए फंसाने की कोशिश की गई थी और कहा कि उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए तस्वीरें और दस्तावेज हैं.

Bengaluru में मीडिया से बात करते हुए आर. अशोक ने कहा कि यह कोई निजी मामला नहीं है, बल्कि Government की गरिमा, सुरक्षा और विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है. Chief Minister ने बताया था कि उनके और कई कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ ‘हनी ट्रैप’ की कोशिश की गई थी.

उन्होंने सवाल उठाया कि जब Chief Minister के पास इसमें शामिल लोगों के बारे में सबूत और जानकारी होने का दावा है, तो फिर कोई First Information Report क्यों दर्ज नहीं की गई.

आर. अशोक ने पूछा, “अगर Chief Minister खुद कह रहे हैं कि उनके और मंत्रियों के लिए जाल बिछाया गया था, तो राज्य में कानून-व्यवस्था कहां है?”

भाजपा नेता ने कहा कि अगर शिवकुमार के पास शामिल लोगों के रिकॉर्ड, तस्वीरें और विवरण हैं, तो कानूनी कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए थी.

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता ने पूछा, “Chief Minister कहते हैं कि उनके पास रिकॉर्ड और तस्वीरें हैं और उन्हें पता है कि यह किसने किया. तो कोई First Information Report दर्ज क्यों नहीं की गई?”

उन्होंने Chief Minister से आग्रह किया कि वे बिना कार्रवाई के आरोप लगाना बंद करें और तथ्य जनता के सामने रखें.

आर. अशोक ने कहा कि Chief Minister राज्य के खुफिया तंत्र के प्रमुख होते हैं और कानूनी कार्यवाही शुरू किए बिना जानकारी अपने पास रखने से गंभीर सवाल उठते हैं.

कई मंत्रियों के खिलाफ कोशिशों के दावों का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या इसके लिए जिम्मेदार लोग कांग्रेस, भाजपा, जेडीएस या किसी अन्य समूह से जुड़े थे और Government से विवरण का खुलासा करने की मांग की.

उन्होंने कहा, “चूंकि Chief Minister ने कहा है कि सबूत उनके पास हैं, इसलिए उन्हें खुद शिकायत दर्ज करानी चाहिए. जांच होनी चाहिए. जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.” अशोक ने तर्क दिया कि यह मामला पूरी Government की छवि को प्रभावित करता है और इसे व्यक्तिगत मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए.

उन्होंने मंत्री सतीश जारकीहोली के बयानों का भी जिक्र किया और कहा कि उनसे और अटकलें पैदा हुई हैं, जिससे Government के लिए मामले को आधिकारिक तौर पर स्पष्ट करना जरूरी हो गया है.

भाजपा नेता ने कहा कि अगर Chief Minister के आरोप सच हैं तो तुरंत First Information Report दर्ज की जानी चाहिए. अगर ऐसा नहीं है, तो Government को स्थिति साफ करनी चाहिए.

उन्होंने इस मुद्दे को उत्तर India बनाम दक्षिण India की बहस का रूप देने की कोशिशों को भी खारिज कर दिया और कहा कि ध्यान असल दोषियों की पहचान करने पर होना चाहिए. राज्य सूखे, आर्थिक चुनौतियों और कानून-व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है और आरोप लगाया कि ऐसे दावों से पैदा हुई उलझन प्रशासन का ध्यान भटकाती है.

पारदर्शिता की मांग करते हुए उन्होंने Government से तथ्यों को सामने लाने, First Information Report दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया.

आर. अशोक ने कहा, “Chief Minister जी, हवा में बातें करना बंद कीजिए. आपने कहा है कि आपके पास सबूत हैं. उन्हें सार्वजनिक कीजिए. आपने कहा है कि आप जानते हैं कि यह किसने किया है. उनके नाम बताइए. शिकायत दर्ज कराइए, First Information Report लिखवाइए और जांच करवाइए.”

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एससीएच/वीसी

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