कर्नाटक : सिद्दारमैया के डिप्टी सीएम वाले बयान से हलचल, राजनीति में नए सिरे से सक्रिय होने की अटकलें

Bengaluru, 26 अगस्त . पूर्व Chief Minister और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सिद्दारमैया के डिप्टी सीएम के केवल एक पद बनाए जाने संबंधी बयान ने Political गलियारों में चर्चा छेड़ दी है. कई लोग इसे सिद्दारमैया के कांग्रेस में फिर से अपनी Political पकड़ मजबूत करने के संकेत के रूप में देख रहे हैं.

Wednesday को सिद्दारमैया के बयान का वीडियो social media पर वायरल हो गया.

Tuesday को आंतरिक आरक्षण पर आयोजित एक सेमिनार में बोलते हुए सिद्दारमैया ने जी. परमेश्वर को एकमात्र डिप्टी Chief Minister बनाए जाने के फैसले का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पहले चार से पांच डिप्टी सीएम पद बनाने का प्रस्ताव था.

कार्यक्रम में जब सिद्दारमैया आंतरिक आरक्षण के माध्यम से वंचित वर्गों के लिए किए गए अपने योगदान पर बोल रहे थे, तभी एक श्रोता ने कर्नाटक में अब तक किसी अनुसूचित जाति के नेता के Chief Minister न बनने का मुद्दा उठाया और उनसे इस विषय पर आंदोलन शुरू करने की मांग की.

इस पर सिद्दारमैया ने पूछा कि क्या वे इस मुद्दे से परिचित हैं और सुझाव दिया कि उन्हें खुद आंदोलन शुरू करना चाहिए. जब मौजूद लोगों ने उन्हें आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए कहा तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह यह काम अकेले नहीं कर सकते.

जब एक श्रोता ने कहा कि पार्टी में सिद्दारमैया की स्थिति हाईकमान जैसी है और इसलिए वे पहल कर सकते हैं, तो उन्होंने इस सुझाव को खारिज करते हुए कहा कि लोग सिर्फ बातें कर रहे हैं.

इसी दौरान सिद्दारमैया ने एक अहम सवाल पूछा, “जी. परमेश्वर को डिप्टी Chief Minister का पद किसने दिलाया?”

गौरतलब है कि परमेश्वर राज्य के प्रमुख दलित नेताओं में से एक हैं. Chief Minister पद के लिए अपना नाम न चुने जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि वह पार्टी हाईकमान के फैसले का सम्मान करेंगे.

इस सवाल पर श्रोताओं ने जवाब दिया कि परमेश्वर को डिप्टी सीएम बनवाने में सिद्दारमैया की भूमिका थी. इसके बाद सिद्दारमैया ने याद दिलाया कि चार से पांच डिप्टी Chief Minister पद बनाने की योजना थी. उन्होंने पूछा कि केवल परमेश्वर को ही डिप्टी Chief Minister बनाने पर जोर किसने दिया था. श्रोताओं ने फिर जवाब दिया कि यह फैसला भी सिद्दारमैया ने ही लिया था.

इस बातचीत पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और तब से यह Political चर्चाओं का विषय बन गया है. सिद्दारमैया की टिप्पणियों को कांग्रेस में उनके Chief Minister पद छोड़ने के बाद हुए Political घटनाक्रमों के संदर्भ में देखा जा रहा है. हालांकि, पद छोड़ने के बाद वह काफी हद तक लो-प्रोफाइल रहे हैं, लेकिन सेमिनार में उनके इस बयान ने अटकलें तेज कर दी हैं कि क्या वह पार्टी में फिर से अधिक सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं.

यह भी उल्लेखनीय है कि सिद्दारमैया के बेटे यतींद्र सिद्दारमैया को मंत्रिमंडल में शहरी विकास विभाग सौंपा गया है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में सिद्दारमैया विशेष रूप से अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित समुदायों का सामाजिक-Political मंच के माध्यम से अपनी Political सक्रियता और प्रभाव को और मजबूत कर सकते हैं.

माना जा रहा है कि यह Chief Minister शिवकुमार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है.

एएमटी/एबीएम

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