कर्नाटक सरकार ने 2012 के सौजन्या दुष्कर्म और हत्या मामले की दोबारा जांच के लिए बनाई एसआईटी

Bengaluru, 25 सितंबर . कर्नाटक Government ने 2012 में बेल्थंगडी Police स्टेशन में दर्ज सौजन्या रेप और हत्या मामले की नए सिरे से जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.

Supreme Court के निर्देश के बाद एसआईटी का गठन किया गया है.

आईपीएस अधिकारी एन. शशिकुमार को एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है. टीम में सीके सुधीर कुमार रेड्डी, निखिला जेम्स, लोकेश जगलासर और वेंकटेश प्रसन्ना को भी शामिल किया गया है.

Governmentी आदेश के मुताबिक, Supreme Court के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी. एसआईटी को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर संबंधित अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है.

सौजन्या मामला अक्टूबर 2012 का है. उस समय 17 वर्षीय सौजन्या उजिरे के एसडीएम कॉलेज में सेकंड ईयर प्री-यूनिवर्सिटी की छात्रा थीं. वह मंगलुरु जिले के बेल्थंगडी तालुक में कॉलेज से घर लौटते समय लापता हो गई थीं.

सौजन्या के परिवार ने 9 अक्टूबर 2012 को बेल्थंगडी Police स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. अगले दिन मन्नासांका के पास झाड़ियों में उनका शव मिला. इसके बाद मामले में रेप और हत्या की धाराएं जोड़ी गईं.

शुरुआत में बेल्थंगडी Police ने मामले की जांच की. बाद में जांच कर्नाटक सीआईडी और फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई.

Police ने संतोष राव को मामले का एकमात्र आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ मुकदमा चलाया.

हालांकि, जून 2023 में सीबीआई की विशेष अदालत ने संतोष राव को बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूतों के साथ आरोप साबित नहीं कर पाया. बाद में सीबीआई ने इस फैसले को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी.

21 सितंबर 2026 को Supreme Court ने मामले की नए सिरे से पूरी जांच करने का आदेश दिया.

जस्टिस संजय कुमार और संजीव सचदेवा की पीठ ने कर्नाटक Government को एसआईटी बनाने का निर्देश दिया. Supreme Court ने यह भी कहा कि पहले इस मामले की जांच में शामिल रहे किसी भी अधिकारी को नई एसआईटी में शामिल नहीं किया जाए.

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एएमटी/एबीएम

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